राज्यराष्ट्रीय

दो टैक्स व्यवस्था से लोगों को ज्यादा विकल्प दे रही है सरकार – वित्त मंत्री

नईदिल्ली: बजट के बाद उठ रहे सवालों का जवाब देने की वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कोशिश की है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने बजट के बाद की शंकाओं और सवालों के जवाब दिए हैं. इस प्रेस-कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री अडानी एंटरप्राइजेज के एफपीओ से जुड़े सवालों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पर टैक्स के बारे में वित्त मंत्री ने ये कहा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने इंश्योरेंस सेक्टर पर लिए गए फैसले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इंश्योरेंस कवर के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने की सरकार की की कोशिश है. हालांकि इसके साथ ही सरकार को ये भी देखना है कि इसका जो मुख्य उद्देश्य है वो पूरा हो, ना कि केवल टैक्स बचाने के लिए लोग इंश्योरेंस को जरिया बना लें. इस बात के साथ वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने भी एक जानकारी दी कि पिछले कुछ समय से ये बात साफ हो रही है कि लोग टैक्स बचाने के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लेने का रास्ता अख्तियार कर रहे हैं और इस माध्यम का गलत यूज कर रहे हैं, जिससे रोकने के लिए 5 लाख रुपये से ज्यादा पर टैक्स की बात की गई है.
दो टैक्स सिस्टम पर वित्त मंत्री की साफ राय

वित्त मंत्री ने कहा कि दो टैक्स सिस्टम के जरिए सरकार लोगों को ज्यादा विकल्प और बढ़िया विकल्प दे रही है. लोगों को टैक्स बचाना है तो वो पुराने टैक्स सिस्टम को छोड़ सकते हैं और नए टैक्स सिस्टम में आ सकते हैं. सरकार ने उनको ज्यादा विस्तारित ऑप्शन दिए हैं और लोगों के पास ये चॉइस है कि वो किस टैक्स रिजीम में रहकर मैक्सिमम बेनेफिट उठा सकते हैं.
विदेशी वित्तीय संबंधों पर वित्त मंत्री से हुआ सवाल

एक विदेशी पत्रकार के जरिए पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत जहां वैश्विक संस्थाओं से फंडिंग हासिल कर रहा है वहीं दुनियाभर में अपनी आर्थिक नीतियों के जरिए जरूरतमंद इलाकों या देशों में अपनी सहायता भी पहुंचा रहा है. इसके परिप्रेक्ष्य में ये बात भी ध्यान रखनी चाहिए कि देशों के बीच व्यापार, आर्थिक व गैर-आर्थिक संबंधों पर भारत को अलग-अलग तरीकों से मामलों को संभालना होता है.
देश की आर्थिक स्थिति पर कोई खतरा नहीं- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने कहा कि देश के मैक्रो-इकनॉमिक आंकड़ों पर खतरा नहीं है और ऐसा हम इसलिए कह सकते हैं क्योंकि पिछले 2 दिनों में देश में 8 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया है. इसके साथ ही हम ये भी जानते हैं कि एफपीआई का आना-जाना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसके आधार पर देश की आर्थिक स्थिति को लेकर कोई नजरिया बनाना ठीक नहीं है.
दो बैंकों के निजीकरण के सवाल पर वित्त मंत्री ने नहीं दिया कोई जवाब

वित्त मंत्री ने आंध्रा बैंक सहित दो बैंकों के निजीकरण के सवाल पर कहा कि फिलहाल इस पर कोई अपडेट नहीं है.
क्रिप्टोकरेंसी पर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्रालय का ये था जवाब

क्रिप्टोकरेंसी पर पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि इसका इस्तेमाल आर्थिक क्षेत्रों से ज्यादा गैर आर्थिक क्षेत्रों में ज्यादा देखा जा रहा है. जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है, इसके रेगुलेशन की जरूरत और अधिक बढ़ रही है. पिछले बजट में सरकार ने इस दिशा में प्रयास किए हैं और ब्लॉकचेन के जरिए किसी तरह के अवैध फायदों पर अंकुश लगाने की कोशिश भी की है.
अडानी समूह पर पूछे गए सवालों पर वित्त मंत्री और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने ये कहा

अडानी समूह पर पूछे गए सवालों पर वित्त मंत्री ने कहा कि ये संवाद दरअसल बजट के फैसलों और एलानों से जुड़ा है और अन्य किसी विषय पर चर्चा बाद में की जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि मैं सवालों को टाल नहीं रही हूं लेकिन पहले बजट से जुड़े सवाल हो जाएं.
अडानी समूह की स्थिति/FPO पर क्या बोलीं वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज कहा कि देश में कितने एफपीओ पहले वापस लिए गए हैं और कितने एफपीओ के वापस लेने से देश की आर्थिक स्थिति पर असर आया है? इस मामले में हालांकि ये कहना जल्दबाजी होगी कि किसी विशाल समूह के शेयरों में गिरावट से समूचे देश पर असर पड़ेगा. हालांकि जहां तक ग्लोबल तरीके से बात की जाए तो ये इस बात का संकेतक नहीं है कि भारतीय बाजार कितने मजबूत हैं.
वित्त मंत्रालय ने दी थी ट्वीट के जरिए जानकारी

सुबह 12 बजे से पहले वित्त मंत्रालय ने निर्मला सीतारामन की पोस्ट बजट प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में एक ट्वीट के जरिए जानकारी दी थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अडानी समूह के शेयरों में भारी बिकवाली और एलआईसी या भारतीय शेयर बाजार पर खतरे की संभावना के बारे में सवाल पूछे जाएंगे, ऐसी संभावना है.

कल बीजपी सांसदों को दी गई बजट से जुड़ी जानकारी- सूत्र

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने शुक्रवार को बीजेपी सांसदों को 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट की प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह मध्यम वर्ग, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए लाभ के साथ एक समावेशी बजट है. सूत्रों ने यह जानकारी मिली है. सूत्रों ने बताया कि बातचीत के दौरान बीजेपी सांसदों ने सबसे ज्यादा सवाल नए और पुराने टैक्स सिस्टम के बारे में पूछे. उन्होंने बताया कि सीतारमण ने टैक्सेशन स्ट्रक्चर के बारे में विस्तार से बताया है.

Related Articles

Back to top button