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‘मन की बात’ कार्यक्रम का आज 117वां एपिसोड, पीएम मोदी करेंगें संबोधित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रविवार, 29 दिसंबर को रेडियो शो मन की बात कार्यक्रम का 117वां एपिसोड करेंगे। ये इस साल 9वां और आखिरी एपिसोड भी है। लोकसभा चुनाव के कारण मार्च, अप्रैल और मई में एपिसोड टेलीकास्ट नहीं हुए थे। इससे पहले 116वां एपिसोड 24 नवंबर को आया था। पीएम ने इसमें डिजिटल अरेस्ट, स्वामी विवेकानंद, NCC, लाइब्रेरी जैसे मुद्दों पर बात की थी। पीएम मोदी की ‘मन की बात’ को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकॉस्ट किया जाता है।

इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तू, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं। इसके 62 एपिसोड को भीली बोली में भी अनुवाद किया गया है।मन की बात की ब्रॉडकास्टिंग आकाशवाणी के 500 से अधिक ब्रॉडकास्टिंग सेंटर द्वारा किया जाता है। पहले एपिसोड की टाइम लिमिट 14 मिनट थी। जून 2015 में इसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया था।

नेशनल कैडेट कोर (NCC) : 2024 तक NCC से 20 लाख से ज्यादा युवा जुड़े हैं। पहले की तुलना में, 5 हजार नए स्कूलों और कॉलेजों में NCC का प्रावधान किया गया है। पहले NCC में लड़कियों की संख्या सिर्फ 25% थी। अब यह बढ़कर लगभग 40% हो गई है, जो एक बड़ा बदलाव है।

स्वामी विवेकानंद की जयंती और युवा दिवस पर : 2025 स्वामी विवेकानंद की 162वीं जयंती के रूप में मनाया जाएगा और इसे खास तरीके से मनाने की तैयारी है। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर 11-12 जनवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में युवा विचारों का एक महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। इसका नाम ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ रखा गया है।

युवाओं के सोशल वर्क पर : कुछ युवाओं ने समूह बनाकर विभिन्न मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया है। लखनऊ के वीरेंद्र ने बुजुर्गों की डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से जुड़ी समस्याओं को हल करने में मदद की है। इससे चीजें बहुत आसान हो गईं। बुजुर्गों को अब बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मैं कहना चाहूंगा कि युवा तकनीकी अपराधों से बचने के लिए बुजुर्गों की मदद करें और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने में हेल्प करें।

देश में चल रहे लाइब्रेरी इनीशिएटिव पर : चेन्नई में ‘प्रकृति अरिवगम’ के नाम से च्चों के लिए एक ऐसी लाइब्रेरी बनाई गई है, जो रचनात्मकता और सीखने का केंद्र बन गई है। फूड फॉर थॉट फाउंडेशन ने हैदराबाद में कई लाइब्रेरी बनाई हैं। बिहार में गोपालगंज में भी प्रयोग लाइब्रेरी की चर्चा हो रही है। इससे 12 गांव के युवा को मदद मिल रही है।

कचरे से कंचन इनीशिएटिव पर : हमारे देश में ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की धारणा बहुत पुरानी है। आज देश के कई हिस्सों में युवा बेकार समझी जाने वाली चीजों को अलग-अलग तरीकों से संपदा में बदल रहे हैं। वे न केवल बेकार वस्तुओं को उपयोगी बना रहे हैं, बल्कि इससे पैसे भी कमा रहे हैं और रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि युवा इस दिशा में और ज्यादा प्रयास करें और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ के इस मॉडल को आगे बढ़ाएं।

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