दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे 14 अप्रैल से आम लोगों के लिए शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके लोकार्पण के साथ ही इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर यातायात शुरू होगा। एक्सप्रेसवे को तेज और सुरक्षित सफर के लिए तैयार किया गया है, इसलिए परिवहन विभाग ने यहां चलने वाले वाहनों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों का पालन नहीं करने पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए चालान भी किया जाएगा।
बीच रास्ते गाड़ी रोकना या मोड़ना सख्त मना
परिवहन विभाग के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर सफर करने से पहले एंट्री और एग्जिट प्वाइंट तय करना अनिवार्य होगा। बीच रास्ते में गाड़ी रोकना, यू-टर्न लेना या गलत दिशा में चलना पूरी तरह प्रतिबंधित है। निर्धारित स्पीड लिमिट का पालन जरूरी है और नियम तोड़ने पर कैमरों के जरिए चालान किया जाएगा। रात में ड्राइविंग के दौरान लो बीम लाइट का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।
राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में हॉर्न बजाने पर रोक
एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में अनावश्यक हॉर्न बजाने पर रोक लगाई गई है। साथ ही डाटकाली मंदिर के पास स्थित टनल एरिया में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून एंट्री पर स्पीड रखें कंट्रोल में
अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे से देहरादून में प्रवेश करते समय आशारोड़ी के पास सड़क पर तेज ढाल है। ऐसे में वाहन चालकों को यहां विशेष सावधानी बरतनी होगी और स्पीड को नियंत्रित रखना जरूरी होगा, ताकि दुर्घटना से बचा जा सके।
सफर से पहले वाहन की जांच जरूरी
यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर शुरू करने से पहले अपने वाहन की सर्विस, टायर और ईंधन की स्थिति की जांच जरूर कर लें। इस मार्ग पर अभी पेट्रोल पंप और गैराज जैसी सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हैं, इसलिए तैयारी के साथ यात्रा करना जरूरी है। टायर में सही एयर प्रेशर रखना भी बेहद अहम है, क्योंकि तेज रफ्तार में टायर फटने का खतरा बढ़ सकता है।




