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इजरायल-हमास की लड़ाई से पूरी दुनिया में हलचल! कई इस्लामिक देशों में सड़कों पर उतरे हजारों लोग

नई दिल्ली: इजरायल-हमास की लड़ाई ने पूरी दुनिया में हलचल पैदा कर दी है. मध्य-पूर्व के इस्लामिक देशों में फिलिस्तीन के समर्थन में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच खबर आ रही हैं कि इस्लामिक देश ईरान, जॉर्डन, सीरिया और लेबनान के हजारों की संख्या में लोग अल-अक्सा मस्जिद की तरफ बढ़ रहे हैं. एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है इजरायली सेना शुक्रवार की नमाज के लिए फिलिस्तीनियों को मस्जिद में जाने से रोक रही है.

अल-अक्सा मस्जिद इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव का सबसे बड़ा मुद्दा रहा है. मस्जिद की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हमास ने इजरायल पर अपने हमले को भी ‘ऑपरेशन अल-अक्सा’ नाम दिया है. फिलिस्तीन के हमास लड़ाकों ने फिलिस्तीनियों से अपील की थी कि वो शुक्रवार को इजरायल की बमबारी के खिलाफ एक होकर अल-अक्सा मस्जिद की तरफ बढ़ें और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली सैनिकों का सामना करें. शुक्रवार के दिन अल-अक्सा मस्जिद में फिलिस्तीनी मुसलमान बड़ी संख्या में जमा होकर नमाज अदा करते हैं. हमास ने कहा है कि फिलिस्तीनी शुक्रवार को मस्जिद में ही रहें.

इस्लामिक देश इराक की राजधानी बगदाद के तहरीर स्कॉयर में हजारों की संख्या में इराकियों ने जमा होकर प्रदर्शन किया है. प्रदर्शनकारियों के हाथों में फिलिस्तीन का झंडा था और वो इजरायल के झंडे को जला रहे थे. इराकी प्रदर्शनकारी अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे भी लगा रहे थे. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भी फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन हुए हैं. बैतुल मुकर्रम राष्ट्रीय मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के बाद मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने इजरायल विरोधी नारे लगाए हैं.

रोम, म्यूनिख, इस्तांबुल, बेलग्रेड और बाकी शहरों में भी फिलिस्तीन के समर्थन में रैलियां बुलाई गई हैं. जॉर्डन की राजधानी अम्मान में हजारों लोग जमा होकर फिलिस्तीन के साथ अपना समर्थन व्यक्त कर रहे हैं. अरब देश ट्यूनिशिया की राजधानी ट्यूनिश में भी बड़े पैमाने पर इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं. गुरुवार को करीब 3,000 लोग ट्यूनिस की सड़कों पर जमा हुए और उन्होंने गाजा पर इजरायली बमबारी के खिलाफ प्रदर्शन किया.

मलेशिया में भी इजरायल की बमबारी के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिले हैं. शुक्रवार को हजारों की संख्या में लोग कुआलालंपुर की राष्ट्रीय मस्जिद और बाकी मस्जिदों में जमा हुए और उन्होंने फिलिस्तीन के साथ अपना समर्थन जताते हुए इजरायल की आलोचना की. लोग प्लेकार्ड्स और फिलिस्तीन के झंडे लेकर गाजा पर इजरायल के हमले की निंदा कर रहे थे. एक घंटे तक चली रैली में अल्लाहू अकबर, अल्लाह महान है और फिलिस्तीन की आजादी के नारे लगाए गए. रिपोर्टस के मुताबिक, फिलिस्तीन का समर्थन करने वाले देशों के लोग फिलिस्तीन के इलाके में घुसकर इजरायल के खिलाफ लड़ना भी चाहते हैं.

हमास के साथ युद्ध छिड़ने के बाद इजरायल अब फिलिस्तीनियों को अल-अक्सा मस्जिद में जाने से भी रोक रहा है. एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि इजरायली सेना शुक्रवार की नमाज के लिए मस्जिद में जा रहे फिलिस्तीनियों को मस्जिद में प्रवेश से रोक रही है. मस्जिद की तरफ जा रहे सैकड़ों लोगों को खदेड़ने के लिए इजरायली सेना ने आंसू गैस के गोले दागे हैं. यरुशलम शहर के बीचोंबीच स्थित अल-अक्सा मस्जिद मक्का और मदीना के बाद इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है. वहीं, यहूदी भी इसे पवित्र मानते हैं और इसे टेंपल माउंट कहते हैं.

जॉर्डन को अल-अक्सा मस्जिद का संरक्षक बनाया गया है और यही मस्जिद की देखरेख के लिए इस्लामिक वक्फ बोर्ड के सदस्यों का चुनाव करता है. मस्जिद की सुरक्षा का जिम्मा इजरायल के हाथ में है. अल-अक्सा मस्जिद के अंदर जाने की इजाजत केवल मुसलमानों को है. हालांकि, गैर-मुसलमान इसके परिसर में जा सकते हैं. इजरायल के यहूदियों के लिए भी मस्जिद में प्रार्थना करने पर मनाही है. मस्जिद को लेकर दोनों पक्ष अक्सर लड़ते रहे हैं.

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