

उसने नारा लगाया था कि कश्मीर के लोगों तुम लड़ाई लड़ो हम तुम्हारे साथ हैं। उमर खालिद व अनिर्बन ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में नारे लगाने की बात स्वीकार की है।
दोनों आरोपियों ने ये स्वीकार कर लिया है कि जेएनयू में देशविरोधी नारे लगे थे।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस को ज्यादातर वही बात बता रहे हैं जो पुलिस को पता है। आरोपियों ने इस बात को स्वीकार किया है उन्होंने अफजल गुरु के समर्थन में नारे लगाए थे।
उमर ने पूछताछ में इस बात को भी स्वीकार किया है कि उसने मैसेज करके लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया था। वह जितना मैसेज कर सकता था उसने उतने मैसेज किए थे।
उसका ये भी कहना है कि उसने फेसबुक भी कार्यक्रम का समय व दिनांक डाली थी। कार्यक्रम में जिन लोगों ने देशविरोधी नारे लगाए थे वह उनको नहीं जानता था।
वह ये भी नहीं जानता कि वह नारे लगाने वालों को किसने जेएनयू में बुलाया था। उसने कहा कि हो सकता है कि देशविरोधी नारे लगाने वाले उसके फेसबुक को पढ़कर आ गए हो।
मगर वह देशविरोधी नारे लगाने वालों को नहीं जानते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी जो बयान दे रहे हैं अभी उन्हें ही लिखा जा रहा है। हालांकि वह ज्यादा कुछ बता नहीं रहे हैं।
आरोपियों से पूछताछ में ये बात भी सामने आई है कि जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले कार्यक्रम में कश्मीरी युवक थे। पुलिस आरोपियों से ये पूछताछ करने में लगी है कि वह फरारी के दौरान कहां छिपे थे और किन-किन लोगों ने उन्हें शरण दी थी।