
कोल्लम : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर के बारे में राज्य की वाम मोर्चा सरकार की सोच और व्यवहार को सबसे शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि यह केरल की संस्कृति और इतिहास के प्रति उनकी घृणा का परिचायक है। मंगलवार को एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देश के इतिहास, संस्कृति और अध्यात्मिकता के प्रति कम्युनिस्टों के विरोध के बारे में तो लोगों को पता था लेकिन सबरीमाला के घटनाक्रम से जाहिर हुआ कि ये लोग भारतीय संस्कृति के प्रति घृणा का भाव रखते हैं। उन्होंने कहा कि केरल की संस्कृति और परंपरा के बारे में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा(एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा(यूडीएफ) एक जैसा रवैया रखते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ और यूडीएफ ने अपने भ्रष्टाचार और संप्रदायिकता की राजनीति से केरल को बंधक बनाकर रखा है। यह दोनों मोर्चे एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जो बारी-बारी से राज्य में सत्ता का फेरबदल करते रहते हैं। सबरीमाला प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के रुख के बारे में मोदी ने कहा कि केवल भाजपा ही इस पूरे घटनाक्रम में केरल की जनता के साथ खड़ी रही। उसने संस्कृति और परंपरा की रक्षा के लिए जनता के आंदोलन में आगे बढ़कर शिरकत की। भाजपा ने सबरीमाला के बारे में शुरू से ही यह रवैया अपनाया कि संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता का सम्मान होना चाहिए। राज्य में भाजपा ही एकमात्र पार्टी थी जिसने सबरीमाला प्रकरण में केरल की जनता का आगे बढ़कर साथ दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से सबरीमाला पूरे देश में चर्चा का विषय बना रहा। इस दौरान कम्युनिस्टों ने जहां शर्मनाक रवैया अपनाया, वहीं कांग्रेस परस्पर विरोधी बातें कहती रही। कांग्रेस के नेता संसद में कुछ कहते हैं और सबरीमाला में आकर दूसरी बात करते हैं।
उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह सबरीमाला प्रकरण पर दोहरी बात करना बंद करें और जनता के सामने यह स्पष्ट करें कि वास्तव में उसका रवैया क्या है। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को महिला समानता से जोड़े जाने के तर्क के बारे में मोदी ने कम्युनिस्टों और कांग्रेस से पूछा कि तीन तलाक के मुद्दे पर संसद में उनका क्या रुख रहा। मोदी ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण इन दलों ने मुस्लिम महिलाओं के प्रति अन्यायकारी तीन तलाक की प्रथा की हिमायत की। प्रधानमंत्री ने पूछा कि जब मुस्लिम देशों में ही तीन तलाक की प्रथा खत्म हो गई है तो भारत में यह क्यों जारी रहनी चाहिए। मोदी ने कहा कि तीन तलाक विधेयक पर लोकसभा में जिन तीन सदस्यों ने विरोध में मत दिया था वे ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के सदस्य थे। यही मुस्लिम लीग केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ में दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है। मोदी ने सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमारी सरकार की ‘सबका साथ सबका विकास’ की नीति का परिचायक है।
सरकार धर्म, जाति और संप्रदाय का भेद किए बिना सबके जीवन को सुगम बनाने और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की भलाई के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न उपायों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि हम वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसानों को उनकी फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने का वादा हमने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में हाल में गठित कांग्रेस सरकारों के प्रारंभिक दौर में ही किसानों को यूरिया हासिल करने में दिक्कत होने लगी है। यूरिया के लिए किसान लाइन लगाए खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने केरल में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हो रही हिंसक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कम्युनिस्ट और कांग्रेसी दोनों राज्य में हिंसा की राजनीति कर रहे हैं। इन दलों को भाजपा कार्यकर्ताओं को कम करके नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट शासित राज्य त्रिपुरा में भाजपा ने शून्य से बढ़कर सरकार गठन में सफलता हासिल की। वह दिन दूर नहीं जब केरल में भी ऐसा ही होगा। उन्होंने कहा कि केरल में कम्युनिस्ट और कांग्रेस ने राज्य की जनता और युवाओं का विश्वास तोड़ा है और जनता अब उनके कारनामों से वाकिफ हो गई है।