मासूम के अपहरण और हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास

सांकेतिक तस्वीर

औरैया : जिले के फफूंद क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व छह वर्षीय बालक के अपहरण एवं हत्या के जुर्म में भगत को सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा और 30 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनायी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार फफूंद क्षेत्र के ग्राम पुरवा आशा निवासी प्रमोद कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके घर पर प्रेमचन्द नामक भगत तीन दिन पूर्व आया था। वह बेटी ज्योति का मिर्गी का दौरा पड़ने का इलाज करता था।

10 अगस्त 2017 की रात्रि में उसका छह वर्षीय पुत्र विमल प्रेमचन्द भगत के पास और परिवार के अन्य सदस्य अलग सो गये। रात्रि में भगत उसके लड़के को लेकर चला गया। घर वालों की नींद रात में खुली तो विमल को घर पर न पाकर 100 नंबर पर पुलिस को फोन किया और खोजबीन की तो सुबह गांव के समीप रेलवे लाइन ट्रैक पर विमल का शव मिला।

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उसका दाहिना हाथ कटा हुआ तथा दाईं ओर कनपटी पर चोट के गहरे निशान थे। परिजनो ने प्रेमचंद भगत के विरुद्ध अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में पता चला कि वादी की पुत्री की बीमारी को लेकर प्रेमचंद का आना जाना लगा रहता था। इस बीच वादी ने जरूरत पड़ने पर भगत से रुपए उधार लिए थे। भगत ने जब उधार के रुपए मांगे तो दोनों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी बात से नाराज़ होकर भगत ने वादी के पुत्र विमल को गायब किया तथा उसकी हत्या कर रेलवे ट्रैक पर डाल दिया। यह मुकदमा सत्र न्यायालय में चला।

अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक स्वरूप सक्सेना ने हत्यारोपी प्रेमचंद भगत को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनायी। न्यायालय ने अर्थदंड की आधी धनराशि वादी को बतौर प्रति कर अदा करने का निर्देश दिया। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा।