जीवनशैली

अगर ध्यान रखेंगे इन बातों का जरुर हासिल होगी कामयाबी

हर किसी की ख्वाहिश होती है कि वह अपने कार्यक्षेत्र में दूसरों से आगे रहे और उसकी अपनी पहचान हो। आप भी कामयाबी हासिल कर सकती हैं।

बशर्ते कुछ बातों का ध्यान रखें।

प्राथमिकता तय करना

अपने कार्यस्थल पर किन कामों को आपको पहले करना है और किन कामों को बाद में करना है, इसकी प्राथमिकता तय कर लें। कारण, कार्यस्थल में अगर आपके पास कई प्रकार के कार्य हैं और उन्हें आप बिना प्राथमिकता के पूरा करने की कोशिश करेंगी तो आपके कार्य प्रभावित होंगे। इसलिए हर दिन एक प्राथमिकता तय करके चलें कि किन कार्यों को पहले पूरा करना है और किन्हें बाद में।

स्वयं की सराहना

किसी बड़े कार्य या असंभव से लगने वाले कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लेने के बाद दूसरे आपको सराहें या न सराहें, पर आपको खुद को जरूर सराहना चाहिए। आपके परिश्रम और सूझबूझ से जो सफलता मिली है, उस सफलता का उत्सव अवश्य मनाएं।

सही बॉडी लैंग्वेज

कार्यस्थल में आप अन्य लोगों के साथ किस तरह के शारीरिक हावभाव के साथ संवाद स्थापित करती हैं। इस बात का भी अपना एक अलग महत्व है। मीटिंग के दौरान या अन्य लोगों से बात करते समय आपके चेहरे पर आत्म विश्वासपूर्ण हावभाव होने चाहिए। लोगों से बात करते समय इधर-उधर नहीं देखना चाहिए। इसी प्रकार किसी से परिचय करते समय आपके हावभाव असामान्य नहीं होने चाहिए। यदि आपके हावभाव असामान्य हैं तो इसका असर दूसरे शख्स पर अच्छा नहीं पड़ता।

इमेज का ख्याल

अगर आप चाहती हैं कि कार्यस्थल में आपकी छवि एक सक्रिय, परिश्रमी व सूझबूझ वाले कर्मी की बनी रहे तो इसे बरकरार रखना भी आपका दायित्व है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने कार्यों को समय पर पूरा करने की कोशिश करें। साथ ही सहयोगियों और सीनियर्स के साथ बातचीत करते समय आपका लहजा ऐसा हो जो लोगों को प्रभावित करे।

अपडेट रहें

यह तो आपको भी पता ही है कि वर्तमान दौर प्रतिस्पद्धा का दौर है। ऐसे में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि समय के साथ अपने को अपडेट रखें। इसके लिए अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित जानकारी का दायरा बढ़ाएं। आप जिस जॉब को कर रही हैं, उसमें क्या परिवर्तन हो रहे हैं या कौन सी नई टेक्नोलाजी का प्रयोग हो रहा है इस बाबत सजग रहें। ऐसा करने से आपको अपने कार्य सहजतापूर्वक करने और कॅरियर में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

अगर कार्य हो अधिक

कार्यस्थल में कई बार किन्हीं न किन्हीं कारणों ऐसी स्थिति आ जाती है, जब आपके पास कार्य का बोझ बढ़ जाता है। हालांकि यह स्थिति स्थाई नहीं होती है। अगर किन्हीं कारणों से आपके पास काम का बोझ बढ़ जाता है तो इस स्थिति में आपको अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। जब आप अतिरिक्त दायित्व को पूरा कर लेंगी, तब न केवल कार्य के प्रति आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि आपके सीनियर्स भी आपकी कार्यक्षमता देखकर प्रसन्न होंगे। जाहिर आगे चलकर इसका लाभ आपको ही मिलेगा।

खानपान पर ध्यान

अगर आपकी कार्यशैली ऐसी है जिसमें आपको कार्यालय में बैठकर सुबह से शाम तक काम करना पड़ता है तो अपने खानपान के प्रति विशेष सचेत रहें। कारण, सात-आठ घंटे तक लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करने से शारीरिक गतिविधियां न के बराबर रह जाती हैं। ऐसे में भोजन के जरिए जितनी कैलोरी आप ग्रहण करती हैं। वे आसानी से खर्च नहीं हो पाती हैं। नतीजतन आपके शरीर में कैलोरी जमा होने लगती है। इस वजह से आपका वजन तो बढ़ता ही है। साथ ही पाचन संबंधी समस्याओं के साथ-साथ कई अन्य प्रकार की समस्याएं भी उत्पन्न होने लगती हैं। इसलिए ऐसा रूटीन बनाएं, जिससे आप समय पर नाश्ता, लंच और डिनर आराम से कर सकें। साथ ही सुबह या शाम के समय टहलें और घर पर नियमित रूप से व्यायाम भी करें। इससे आपके शरीर में चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी।

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