अन्तर्राष्ट्रीय

आतंकियों पर मुकदमा चलाए पाकिस्तान : यूएस

न्यूयॉर्क : दुनिया के ज्यादातर देश आतंकवाद की समस्या के खिलाफ कमर कसकर खड़े हैं वहीं कुछ देश आतंकियों की हिमाकत में आज भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवादियों को आश्रय देने को लेकर फिर लताड़ा है। यूएस ने कहा कि हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों पर पाकिस्तान मुकदमा चलाए। साथ ही कहा कि भारत-पाक तनाव में कमी, सीमा पार घुसपैठ में शामिल रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई में इस्लामाबाद की गंभीरता पर निर्भर करता है।

दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी कार्यवाहक सहायक मंत्री एलिस वेल्स ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र के दौरान विशेष बातचीत में कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की सख्ती से ही भारत के साथ उसके रिश्ते ठीक हो सकते हैं। उनसे कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश के बारे में भी पूछा गया था। वेल्स ने कहा, मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें मध्यस्थता नहीं चाहिए। ट्रंप ने इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से अलग-अलग मुलाकात की थी। वेल्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप तब मध्यस्थता करेंगे, जब दोनों पक्ष इसके लिए राजी होंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम, भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसी स्थिति देखना चाहेंगे, जहां भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक बातचीत हो जिससे दोनों परमाणु शक्तियों के बीच संबंधों में सुधार हो सके।
वेल्स ने कहा निश्चित तौर पर पाकिस्तान को आतंकवाद निरोधी कदम उठाना होगा और उन कदमों के प्रति भी गंभीरता दिखानी होगी कि वह इन संगठनों को फायदा नहीं उठाने दे और सीमा पार घुसपैठ को रोके। पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकियों के खिलाफ मुकदमा चलाने सहित वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (स्नञ्जस्न) की योजनाओं को लागू करना होगा, जिसके प्रति उसने प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा इसलिए हिरासत में चल रहे और मामले का सामना कर रहे हाफिज सईद के साथ ही मसूद अजहर जैसे जैश-ए-मोहम्मद के नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाए, जो लंबे समय से पाकिस्तानी धरती पर अपनी मौजूदगी का फायदा उठा रहे हैं। ट्रंप ने कहा था कि इमरान खान जितनी चिंता कश्मीर पर दिखा रहे हैं उतनी चिंता चीन में नजरबंद मुसमानों पर क्यों नहीं दिखा रहे हैं।

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