अजब-गजब

ऑपरेशन के वक्त मरीज पढ़ रहा था हनुमान चालीसा, बड़ी असानी से डॉक्टर ने निकाला ब्रेन ट्यूमर

आमतौर पर जब किसी मरीज का ऑपरेशन होता है, तो परिवार वाले ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठकर ठीक होने की दुआ करते हैं। लेकिन राजस्थान के बीकानेर में कुछ अनोखा ही नजारा देखने को मिला, जब ऑपरेशन के वक्त खुद मरीज ने ही हनुमान चालीसा पढ़नी शुरू कर दी। एक तरफ ऑपरेशन चल रहा था और दूसरी तरफ मरीज हनुमान चालीसा पढ़ रहा था।

ऑपरेशन के वक्त मरीज पढ़ रहा था हनुमान चालीसा, बड़ी असानी से डॉक्टर ने निकाला ब्रेन ट्यूमरमरीज को पिछले 3 महीने से मिर्गी के दौरे पड़ रहे थे। इसके बाद डॉक्टरों ने उसकी बायॉप्सी की और पता चला कि उन्हें ग्रेड 2 ब्रेन ट्यूमर है। फिर क्या ट्यूमर निकालने के लिए जयपुर के डॉक्टर भी तैयार हो गए। ऐसा कहा जा रहा है कि यह वहां की पहली सर्जरी है। इस टेक्नीक को अवेक क्रैनियोटॉमी कहा जाता है। मरीज को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया, लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात थी कि मरीज का ऑपरेशन होश में करना था यानि बेहोशी की हालत में उसका ऑपरेशन नहीं किया जा सकता था। होश में ऑपरेशन की बात पर मरीज राजी नहीं था, डॉक्टरों ने किसी तरह उसे समझाया और तैयार किया।

ऑपरेशन थिएटर के अंदर का नजारा बेहद अनोखा था। अस्पताल में मरीज ने करीब 3 घंटे तक हनुमान चालीसा का पाठ किया।  डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के लिए उन्हें लोकल ऐनिस्थीसिया दिया गया ताकि शरीर पर दर्द ना हो। ब्रेन के एक हिस्से में एक ट्यूमर था जिससे उन्हें बोलने में दिक्कत होती है। सर्जरी काफी क्रिटिकल थी क्योंकि किसी हिस्से में डैमेज से बोलने की क्षमता में खतरा हो सकता था। हमने उन्हें बेहोश ना करने का फैसला किया ताकि हम उनसे बात करते रहें। वह हर समय हनुमान चालीसा पढ़ते रहे। हनुमान चालीसा का पाठ इसलिए किया ताकि ब्रेन का वह हिस्सा जो आवाज को नियंत्रित करता है वह डैमेज न हो। इस वजह से उनका लगातार हनुमान चालीसा पढ़ते रहना काफी मददगार रहा और हमने ऑपरेशन किया जो सफल रहा और ट्यूमर निकाल दिया गया।

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