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खतरनाक बीमारी का संकेत है खुजली

हेल्थ: इस दुनिया में एक से बढ़कर एक बीमारी है कई बार हम सोच भी नहीं सकते हैं कि एक दाना भी खतरनाक बीमारी बन कर उभर सकती है दोस्तों जैसा कि मैंने आपको पहले बताया कि खुजली भी एक प्रकार की खतरनाक बीमारी बन सकती है। खुजली से होने वाली बीमारी का नाम अर्टिकेरिया है। शायद आपने नाम सुना भी हो या फिर नहीं भी सुना हो, लेकिन ऐसा होता है। इस बीमारी की पहचान आप कुछ इस तरह कर सकते हैं। जैसे जब आपको होंठ में जीभ, गले, त्वचा, कान, चेहरे इत्यादि पर लगातार और बहुत अधिक खुजली हो रही हो तो आपको आवश्यकता है सतर्क हो जाने की। हो सकता है कि अर्टिकेरिया नाम की इस बीमारी ने आपको अपने चंगुल में ले लिया हो। यानि कि आपको बीमारी हो गई हो। लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बीमारी है तो उसका इलाज भी है। चलिए सबसे पहले मैं आपको बताती हूं कि आखिर ये अर्टिकेरिया बीमारी होता क्या है ? और ये किन कारणों से हो सकता है ? साथ हींं ये बीमारी आपके लिए घातक कैसे हो सकता है?

बीमारी होने के कारण

खुजली से होने वाले अर्टिकेरिया बीमारी एक तरह का एलर्जिक रिएक्शन होता है। ये बीमारी खाद्य पदार्थों में मौजूद केमिकल्स की वजह से हो सकता है। किसी तरह के कीड़े के काटने की वजह से ही हो सकता है। सूर्य की हानिकारक किरणों की वजह से या फिर दवाओं के विपरीत प्रभाव की वजह से भी अर्टिकेरिया नाम की बीमारी होने की संभावना होती है। बता दें कि दवाओं इत्यादि के प्रभाव से हमारे शरीर में हिस्टामाइन स्त्रावित होने लगता है, ये ऐसा केमिकल होता है कि रक्त प्लाज्मा से छोटी-छोटी रक्त कोशिकाओं का रिसाव होने लग जाता है और ये खुजली के रूप में हमारे शरीर में सामने आ जाता है।

अर्टिकेरिया बीमारी के प्रकार

1. तीव्र अर्टिकेरिया

तीव्र अर्टिकेरिया में लगातार छह महीने तक हमें खुजली होती रहती है। ये अर्टिकेरिया खाने और दवाओं के रिएक्शन की वजह से होता है।

2. क्रोनिक अर्टीकेरिया

इस तरह के अर्टिकेरिया में सूजन और खुजली दोनों ही 6 महीने से अधिक समय तक निरंतर बन रहती है इसके पीछे कारण होता है हारमोनल डिसऑर्डर, क्रोनिक डिसऑर्डर और इम्यून सिस्टम डिसऑर्डर।

3. फिजिकल अर्टिकेरिया

त्वचा की गर्मी, सूरज की किरणों, सर्दी, पसीना, दबाव, एक्सरसाइज इत्यादि की वजह से फिजिकल अर्टिकेरिया होने की संभावना रहती है। लेकिन ये लंबे समय तक नहीं टिकती। ज्यादा से ज्यादा एक घंटे के लिए ये खुजली शरीर में होती है।

अर्टीकेरिया बीमारी का उपचार

अर्टिकेरिया बीमारी के लक्षणों का सबसे पहले तो पहचान कर लेंं. अगर आपको किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ से एलर्जी होता हो तो उसका सेवन बंद कर दें। स्टेरॉइड और हिस्टामाइन दवाई भी इसके इलाज में कारगर साबित होते हैं। इसके अलावा अन्य तरह की सावधानियां भी आपको बरतनी चाहिए।

खुजली भी हो सकती है खतरनाक :

1. अधिक गर्म पानी का सेवन करने से बचें हल्का गर्म पानी सेवन करें।
2. अपनी त्वचा पर सख्त साबुन का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें।
3. प्रभावित स्थान पर ठंडे पानी की पट्टी से कॉल कंप्रेस करना आराम पहुंचाएगा।
4. टाइट कपड़े पहनने के बजाय ढीले और हल्के कपड़े पहनेंं।
5. ज्यादा देर तक गर्मी में रहने से बचें।

डॉक्टर से सलाह कब लें

अगर आप भी पाते हैं कि आपको अर्टिकेरिया नाम की बीमारी हुई है तो कुछ घरेलू उपचार की मदद से आप इसका उपचार कर सकते हैं। लेकिन आपको अगर घबराहट होती है, चक्कर आते हैं, सीने में खिंचाव महसूस होता है या फिर चेहरे, होंठ, जीव इत्यादि पर सूजन नजर आए तो डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक होता है।

अर्टिकेरिया बीमारी के लक्षणों की पहचान करें और अपने शरीर पर हो रहे अधिक खुजली को खुजलाने से बचें। साथ ही जिन खाद्य-पदार्थों से आपको एलर्जी होता है वैसे चीजों के सेवन से बचें। भले ही ये बीमारी आपको सुनने में बहुत ही सामान्य लगती हो, लेकिन जब खुजली परेशान करती है तो इंसान का खाना पीना भी दुश्वार हो जाता है। इसलिए जैसे ही आपको इस बीमारी के लक्षण नजर आए, डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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