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चीन को घेरने के लिए जी-20 से पहले वियतनाम जाएंगे पीएम मोदी

Fiji: Prime Minister Narendra Modi speaks during a traditional welcome ceremony in Fiji on Wednesday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI11_19_2014_000033A)

भारत की नजर अब दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी मजबूत पकड़ बनाने पर है। इसलिए सितंबर में पीएम मोदी चीन में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले रास्ते में ही वियतनाम जाएंगे। पीएम मोदी 3 सितंबर को वियतनाम में होंगे और 4-5 सिंतबर को जी-20 शिखर सम्मेलन होना है।

 
खबर के मुताबिक मोदी वियतनाम को सैन्य सहायता के लिए ऑफर दे सकते हैं। इसमें आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण संबंधी सहायता और हाइड्रोकार्बन ब्लॉक में ज्यादा से ज्यादा निवेश शामिल है। इसके अलावा स्पेस सेक्टर में भारत वियतनाम को मदद कर सकता है। भारत ने 2014 वियतनाम को 100 मिलियन डॉलर की लागत से बनी 4 पैट्रोल बोट देने के लिए कॉन्ट्रेक्ट किया था, मोदी इस डील के कागजातों पर दस्तखत करेंगे।भारत ने 2014 वियतनाम को 100 मिलियन डॉलर की लागत से बनी 4 पैट्रोल बोट देने के लिए कॉन्ट्रेक्ट किया था, मोदी इस डील के कागजातों पर दस्तखत करेंगे।
वियतनाम के रक्षा मामलों में भारत की सहायता यह दर्शाती है कि भारत दक्षिण-पूर्व एशिया में सैन्य ताकत को मजबूत कर वहां की स्थिरता सुनिश्चित करना चाहता है और अपनी पैठ बनाना चाहता है।

चीन और वियतनाम के बीच इन दिनों ठनी हुई है। वजह दक्षिण चीन सागर है। समंदर के इस इलाके में चीन अपनी दावेदारी पेश कर रहा है जबकि वियतनाम का दावा है कि चीन उसके इलाके में भी अपना अधिकार थोप रहा है। चीन और वियतनाम के बीच लगातार संबंध तल्ख हो रहे हैं, जबकि पिछले एक दशक में देखें तो वियतनाम और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं। वियतनाम को लगातार मदद करने के भारत के इरादों से बीजिंग भी बाकायदा वाकिफ है। आगे भी भारत और वियतनाम के बीच चीन के नाक के ठीक नीचे कूटनीति और रणनीतिक संबंध जारी रहेंगे।

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