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दिल्ली टेस्ट: कोहली, विजय का शतक, भारत मजबूत

नई दिल्ली| विराट कोहली के 20वें और मुरली विजय के 11वें टेस्ट शतकों के दम पर भारतीय क्रिकेट टीम ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार का खेल खत्म होने तक अपनी पहली पारी में चार विकेट के नुकसान पर 371 रन बना लिए हैं. कोहली स्टम्प्स तक 156 रन बनाकर नाबाद थे. उनके साथ रोहित शर्मा छह रन बनाकर विकेट पर हैं.दिल्ली टेस्ट: कोहली, विजय का शतक, भारत मजबूत

कोहली और विजय ने तीसरे विकेट के लिए शानदार 283 रनों की साझेदारी की. लग रहा था कि यह दोनों दिन का खेल खत्म होने तक आउट नहीं होंगे, लेकिन दिन के आखिरी सत्र में चाइनामैन लक्षण संदाकन ने भारत के दो विकेट लेकर अपनी टीम को राहत की सांस दी.

संदकान ने आखिरी सत्र में विजय और अजिंक्य रहाणे (1) को एक ही अंदाज में आउट कर भारत को थोड़ी परेशानी दी. भारत ने दिन के पहले सत्र में शिखर धवन (23) और चेतेश्वर पुजारा (23) के रूप में दो विकेट खोए थे. दूसरे सत्र में कोहली और विजय ने मेजबान टीम को कोई ओर झटका नहीं लगने दिया.

कोहली अभी तक 186 गेंद खेल चुके हैं और अपनी इस शानदार पारी में उन्होंने अभी तक 16 चौके लगा चुके है. वहीं विजय ने अपनी पारी में 267 गेंदें खेलीं और 13 चौके लगाए हैं. श्रीलंका के लिए संदाकन के अलावा दिलरुवान परेरा और लाहिरू गमागे ने एक-एक विकेट लिया.

कोहली और विजय की जोड़ी ने 78 रनों पर दो विकेट गिर जाने के बाद अपना खेल शुरू किया था. पहले सत्र में आराम से खेलने वाले कोहली ने दूसरे सत्र में घरेलू दर्शकों के सामने अपना जौहर दिखाया पहले सत्र में कोहली ने सिर्फ 17 रन बनाए थे. दूसरे सत्र में उन्होंने अपने खाते में 77 रन जोड़े और शतक से छह रन दूर रहकर नाबाद लौटे.

विजय ने हालांकि पहले सत्र में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था. वह 51 रनों पर नाबाद लौटे थे. दूसरे सत्र में उन्होंने अपना शतक पूरा किया. दिन के दूसरे सत्र की शुरूआत में विजय थोड़े खामोश दिखे, लेकिन चायकाल होते-हाते वह तेजी से रन बनाने लगे थे. इस सत्र में भारत ने 129 रन जोड़े थे और चायकाल में दो विकेट के नुकसान पर 245 रनों के साथ गई थी.

तीसरे सत्र में इन दोनों के लिए बल्लेबाजी और आसान हो गई थी. श्रीलंकाई गेंदबाज मायूस नजर आए और उनके प्रदर्शन को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो वह सिर्फ गेंद डालने का काम पूरा कर रहे हों. न ही उनके पास भारत की इस जोड़ी के लिए कोई रणनीति थी न ही वह कोई कोशिश कर रहे थे.

दिन के तीसरे सत्र में कोहली ने अपने टेस्ट करियर का 20 शतक पूरा किया. 62वें ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने एक रन लेते ही लगातार तीसर टेस्ट शतक पूरा किया. इससे पहले कोहली ने कोलकाता टेस्ट में 104, नागपुर टेस्ट में 213 रनों की पारियां खेली थीं.

हालांकि संदाकन ने दिन का खेल खत्म होने से चार ओवर पहले 86वें ओवर में विजय और फिर 88वेंओवर में रहाणे को आउट कर अपनी टीम को अगले दिन के थोड़ा मनोबल प्रदान किया.

कोहली ने इस मैच में टेस्ट क्रिकेट में 5,000 रन भी पूरे कर लिए. वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले भारत के 11वें बल्लेबाज हैं. साथ ही वह सबसे तेज पांच हजार रन पूरे करने वाले भारत के चौथे बल्लेबाज हैं. उनसे पहले सुनील गावस्कर ने 95, वीरेंद्र सहवाग ने 98 सचिन तेंदुलकर ने 103 पारियों में पांच हजार रन पूरे किए थे. कोहली ने 105वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया है.

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के बल्लेबाजों को इस विकेट पर रन बनाने में कोई परेशानी नहीं हुई. इस मैच से वापसी कर रहे धवन और विजय संयम से बल्लेबाजी कर रहे थे. तेज गेंदबाजों को सफलता हाथ न लगती देख श्रीलंकाई कप्तान दिनेश चंडीमल ने दिलरुवान परेरा को गेंद थमाई. वह भी ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके. हालांकि, विकेट लेने में वह किसी तरह सफल रहे.

10वां ओवर फेंक रहे परेरा की अखिरी गेंद पर धवन ने ऑफ स्टम्प के बाहर से स्वीप शॉट खेला, जिसे लकमल ने लड़खड़ाते हुए लपक लिया. कैच लेने से पहले ही लकमल गिर गए थे, लेकिन फिर भी उन्होंने कैच पकड़ अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई. धवन ने 35 गेंदों में चार चौकों की मदद से 23 रनों की पारी खेली. वह 42 के कुल स्कोर पर आउट हुए.

धवन टेस्ट में परेरा के 100वें शिकार बने. परेरा श्रीलंका के लिए सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए. इसके लिए उन्होंने 25 टेस्ट मैच खेले. उनसे पहले मुथैया मुरलीधरन ने 27 टेस्ट मैचों में 100 विकेट पूरे किए थे.

धवन के जाने के बाद पुजारा और विजय की जोड़ी एक बार फिर मैदान पर थी. पुजारा और विजय दोनों ने कुछ शानदार शॉट खेले. इसी बीच पुजारा, श्रीलंकाई कप्तान चंडीमल की रणनीति में फंस गए. चंडीमल ने लाहिरू गामागे की गेंद पर लेग स्लिप लगाई. पांव पर पटकी गेंद पर पुजारा ने फ्लिक किया, जिसे लेग स्लिप पर सदीरा समाराविक्रम ने शानदार तरीके से लपक पुजारा की पारी का अंत किया.

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