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नोटबंदी का असर, रेवाड़ी में जन धन के खातों में आई ‘रौनक’

14_11_2016-jan1इस योजना के तहत खोले गए अधिकांश खातों को खाताधारकों ने खुलवाने के बाद छेड़ा तक नहीं था। अब नोट बंद हुए हैं तो आमजन का धन इन खातों तक भी पहुंच रहा है।

रेवाड़ी [ सुनील चौहान ] । बड़े नोट बंद होने से जन धन योजना के तहत बैंकों में जीरो बेलेंस पर खोले गए खातों में ‘रौनक’ आ गई है। धारूहेड़ा के विभिन्न बैंकों में खोले गए खातों में से 20 प्रतिशत खातों में बीते तीन दिनों के अंदर नकदी जमा कराई गई है।

यहां बता देना जरूरी है कि इस योजना के तहत खोले गए अधिकांश खातों को खाताधारकों ने खुलवाने के बाद छेड़ा तक नहीं था। अब नोट बंद हुए हैं तो आमजन का धन इन खातों तक भी पहुंच रहा है।

अब याद आ रही खातों की

हर आदमी का बैंक खाता हो इसी उद्देश्य को लेकर जन धन योजना के तहत बैंकों में जीरो बेलेंस अकाउंट खोले गए थे। करीब दो साल पहले इस योजना को शुरू किया गया, जिसका लाभ आम आदमी ने भी खूब उठाया।

बैंकों में योजना के तहत खाते तो खोले गए लेकिन एक बार खाता खुलवाने के बाद अधिकांश लोगों ने इनकों अपडेट तक नहीं किया। खातों में निकासी व जमा नहीं होने के चलते अधिकांश खाते फ्रीज हो चुके हैं।

अब जब देश में बड़े नोटों को बंद किया गया है तो लोगों को जनधन योजना के तहत खुलवाए गए अपने बंद पड़े खातों की भी याद आ गई है। घर में रखे 500 व 1 हजार के नोटों को जमा कराने के लिए लोग अब बैंकों में एप्लीकेशन लिखकर दोबारा से अपने खाते चालू करा रहे हैं ।

जन धन योजना के खातों का ब्यौरा

बैंक कुल खाते अपडेट हुए
सैंटल बैंक 1247 216
कारपोरेशन 1500 136
देना बैंक 3020 350
पीएनबी-धारुहेडा 1200 219
पीएनबी- मीरपुर 900 129
सीडिकेंट 1249 219
इलाहाबाद 624 112
देना बैंक 956 234
ओबीसी 800 237
ओबीसी मीरपुर 789 129

2 हजार से अधिक खातों में डाले गए पैसे
धारूहेड़ा के विभिन्न बैंकों में जन धन योजना के तहत 10 हजार के करीब खाते खोले गए थे। इन 10 हजार में से कुछ ही खाते चल रहे थे। अब नोट बंद होने के बाद बीते तीन दिनों में ही 2 हजार खाते एक्टीवेट हो गए हैं।

यानि 20 फीसदी खातों में नकदी जमा कराई गई है। देना बैंक की प्रबंधक अन्नु यादव का कहना है कि बैंक में तीन हजार से ज्यादा जन धन योजना के तहत खाते खोले हुए है। करीब तीन सौ से अधिक खातों में राशि जमा हो चुकी है।

 

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