अन्तर्राष्ट्रीय

मैं हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा समर्थक

– मुशर्रफ ने भारत के खिलाफ फिर उगला जहर

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला हैं। इतना ही नहीं मुशर्रफ ने खुद को आंतकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा समर्थक भी बताया है। मुशर्रफ ने कहा कि वो आतंकी हाफिज सईद को भी बहुत पसंद करते हैं। 26/11 मुंबई के गुनाहगार पर बात करते हुए पू्र्व राष्ट्रपति ने आगे कहा कि कश्मीर में सईद की घुसपैठ को वो समर्थन करते हैं। जमात-उद-दावा संगठन भी उन्हें पसंद करता है। मुशर्रफ ने अपने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि कश्मीर में भारतीय सेना को दबाने और एक्शन में रहने का सपोर्ट पहले से करता आया हूं. अमेरिका के साथ मिलकर भारत ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी घोषित कर दिया, लेकिन यह संगठन सबसे बड़ी फोर्स है। मुशर्रफ ने आग उगलना यही बंद नहीं किया बल्कि यह भी कहा कि जी हां, लश्कर ए तैयबा कश्मीर में ही है और यह हमारे और कश्मीर के बीच का मामला है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने न सिर्फ ओसामा बिन लादेन, अल जवाहिरी और हक्कानी को पाकिस्तान का हीरो बताया था बल्कि तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन को पैसे और ट्रेनिंग की बात भी कबूल चुके हैं।

मुशर्रफ ने कश्मीर में आतंकवादी भेजे जाने और उन्हें पाकिस्तान से पूरी मदद का खुलासा भी किया था। मुशर्रफ ने कहा था कि 1990 के दशक में कश्मीर में आजादी का संघर्ष शुरू हुआ। उस समय लश्कर-ए-तैयबा और 11 या 12 अन्य संगठन गठित हुए थे। हमने उनका समर्थन किया और उन्हें ट्रेनिंग दी, क्योंकि वे अपनी जिंदगी की कीमत पर कश्मीर में लड़ रहे थे। गौरतलब है कि बीते दिनों पाकिस्तान में नजरबंद आतंकी हाफिज सईद को रिहा किया गया था। नजरबंदी से रिहाई के कुछ ही देर बाद मुंबई हमले के मास्टर माइंड और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने कहा था कि वह कश्मीर के लिए पूरे पाकिस्तान से लोगों को जुटाएगा और ‘आजादी’ पाने में कश्मीरियों की मदद करेगा। आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण जमात-उद-दावा प्रमुख पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया है। पाकिस्तान सरकार ने मुंबई हमला मामले में सईद को और अधिक दिनों तक हिरासत में नहीं रखने का फैसला लिया, जिसके बाद आतंकवादी संगठन के प्रमुख को रिहा कर दिया गया।
डेविड/ईएमएस 29 नवंबर 2017

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