अद्धयात्म

यहां हिंदू शहीद के लिए नमाज पढ़ते हैं मुस्लिम

दस्तक टाइम्स/एजेंसी: namaj1-1446527420देश-दुनिया में जहां धर्म को लेकर असहिष्णुता बढ़ रही है वहीं केरल की एक मस्जिद सद्भाव की मिसाल कही जा सकती है। मालाप्पुरम की इस मस्जिद में एक खास परंपरा का आज भी पालन किया जाता है। यहां से जुड़े इतिहास के अनुसार, मुस्लिम समाज के लोग हिंदू शहीद के लिए नमाज अदा करते हैं।

उस हिंदू शहीद का नाम कुनहेलु था। शहादत के बाद उसे वालिया नगड़ी जुमा मस्जिद में दफनाया गया था। लोग उन्हें श्रद्धाजंलि देते हैं और यहां नमाज पढ़ते हैं। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, करीब 290 साल पहले कोझिकोड में जमोरिन शासन के विरुद्ध लड़ाई करते हुए 43 मुस्लिम योद्धाओं के साथ हिंदू योद्धा ने शहादत दी थी।

 

कुनहेलु ने युद्ध में शौर्य का प्रदर्शन किया और अपने साथियों संग शहीद हो गए। उनके बलिदान काे मुस्लिम समाज भूला नहीं है और आज भी उनके प्रति लोग सम्मान व्यक्त करते हैं। उनके सम्मान में यहां नमाज पढ़ी जाती है।

 

विशेष अवसरों पर कुनहेलु के वंशजों को बुलाया भी जाता है। यहां के लोगों के अनुसार, यह मस्जिद हिंदू-मुस्लिम सद्भाव का केंद्र है। कुनहेलु और अन्य शहीदों के सम्मान में लोग यहां परमात्मा की इबादत करते हैं। यहां सिर्फ मुस्लिम या हिंदू ही नहीं बल्कि हर धर्म के लोग आते हैं। उन्होंने बताया कि लोकगाथाओं में आज भी उन शहीदों का नाम लिया जाता है। उनका उद्देश्य एक था और उन्होंने शहादत भी एकसाथ दी।

 

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