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यौन शोषण की सजा: HR मैनेजर को देने होंगे 60 महीनों तक देने होंगे 50 हजार रुपये

यौन शोषण के मामले में बेंगलुरु के लेबर डिपार्टमेंट ने सीनियर मैनेजर को पांच साल तक 50 हजार रुपये पीड़िता को देने को कहा है। इतना ही नहीं लेबर डिपार्टमेंट ने सॉफ्टवेयर कंपनी को निर्देश दिया है कि वह उस सीनियर मैनेजर का तीन साल तक न तो प्रमोशन करे और ना उसकी सैलरी बढ़ाए।

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अतिरिक्त लेबर कमिश्नर ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि इस उल्लंघन की जिम्मेदार कंपनी है और उसे महिला को मुआवजा राशि का भुगतान करना चाहिए। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, शिकायतकर्ता बेंगलुरु के महादेवपुरा की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती थी। इस दौरान वहां के सीनियर मैनेजर (एचआर) ने उसका यौन शोषण किया। जब कंपनी के इंटरनल कमेटी ने उसकी सभी शिकायतों को खारिज कर दिया तो उसने लेबर डिपार्टमेंट में याचिका दाखिल की। महिला ने शिकायत में कहा कि चंद्रशेखर उसकी नेलपॉलिश पर कमेंट करता था और गलत तरीके से उसकी उंगलियों को छूता था। पीड़िता ने बताया कि एक बार चंद्रशेखर ने नौकरी के लिए आवेदन करने वाले एक शख्स का जिक्र करते हुए कहा कि वह कंपनी में नौकरी करना चाहता है क्योंकि तुम्हें (शिकायतकर्ता) देखने के बाद वह तुम्हारी तरफ आकर्षित हो गया है।

27 दिसंबर 2016 को एडिशनल लेबर कमिश्नर टी श्रीनिवास ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह चंद्रशेखर का वार्षिक इनक्रीमेंट और अन्य मौद्रिक लाभ एक जनवरी 2017 से तीन साल तक रोक दिया जाए। कंपनी को निर्देश दिया गया कि वह चंद्रशेखर की सैलरी से हर महीने 50 हजार रुपये काटे जाए। यह सैलरी 60 महीनों तक काटे जाए और यह पैसा शिकायतकर्ता को दिए जाए। अगर चंद्रशेखर इस बीच कंपनी छोड़ देता है तो कंपनी यह पैसे उसे दिए जाने वाले बकाए से काटकर दिए जाए। अगर कंपनी ऐसा नहीं कर पाती है तो यह रकम शिकायतकर्ता को अपने खाते से देनी होगी।

इतना ही ने लेबर डिपार्टमेंट ने कंपनी को कहा है कि वह सितंबर 2015 से दिसंबर 2016 तक की सैलरी 4 लाख 80 हजार रुपये शिकायतकर्ता को दे। शिकायर्ता ने 2015 में कंपनी छोड़ दी थी।

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