मंगलवार को बिलासपुर से पीएम नरेंद्र मोदी चुनावी शंखनाद कर चुके हैं। ऐसे में वीरभद्र सिंह कर्मचारियों को सौगात देकर ब्रह्मास्त्र छोड़ सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कर्मचारियों को 4-9-14 देने का मुद्दा कांग्रेस ने उठाया था। एक कार्यक्रम के दौरान खुद मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को सरकार आने पर 4-9-14 देने का आश्वासन दिया था।
सरकार का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन हर साल बजट के दौरान इसे देने की घोषणा होने की उम्मीद रखने वाले कर्मचारियों को मायूस ही होना पड़ा। अब चुनावी मौसम में एक बार फिर कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
कुछ कर्मचारी संगठनों ने वायदे पूरे न करने पर चुनाव में खुला विरोध करने तो कुछ ने विपक्ष के समर्थन में जाने की बात कहकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कर्मचारी वर्ग चुनावों में बाजी पलटने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री भी इस बात से बखूबी वाकिफ हैं।
सरकार मिशन रिपीट को ध्यान में रखकर कोई बड़ा एलान कर सकती है। मोदी की बिलासपुर जनसभा का कड़ा जवाब सात अक्तूबर को मंडी में प्रस्तावित राहुल गांधी की रैली से देने पर भी चर्चा की गई।
बिलासपुर से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करीब साढे़ तीन बजे अनाडेल में हवाई मार्ग से पहुंचे। यहां से सरकारी निवास ओकओवर आए। यहां मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों विद्या स्टोक्स, कौल सिंह और जीएस बाली से चर्चा की। इसी बीच प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू भी पहुंचे।
उनके साथ प्रदेश महासचिव हरभजन सिंह भज्जी भी थे। पहले बैठक में मोदी के भाषण पर चर्चा की गई। प्रदेश की जनता पर होने वाले रैली के असर पर भी चर्चा होती रही। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को मंत्र दिया कि अब एकजुट होकर भाजपा से मुकाबिल होने का वक्त है।
इसी से कांग्रेस मिशन रिपीट की दिशा में आगे बढ़ सकेगी। वीरभद्र सिंह ने सुखविंद्र सुक्खू से भी पार्टी के आगामी कार्यों पर बात की। सात अक्तूबर को मंडी में होने वाली रैली मंत्रणा का प्रमुख विषय रहा। रैली में अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों को जुटाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने पर काम करने की रणनीति बनी।




