स्वास्थ्य

सर्वे में बड़ा खुलासा: डायबिटीज के मरीजों में बढ़ रही नपुंसकता

मधुमेह की वजह से मरीजों में नपुंसकता बढ़ रही है। ये सुनने में कुछ अजीब जरूर लग रहा है लेकिन सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने ऐसा ही दावा किया है।
इनके अनुसार टाइप टू मधुमेह के 18-65 साल उम्र वर्ग के 275 मरीजों पर सर्वे किया गया, जिसके बाद डॉक्टरों का कहना है कि टाइप टू मधुमेह बड़ी संख्या में मरीजों में नपुंसकता पैदा कर रहा है। सामान्य की तुलना में यह शिकायत डायबिटीज के मरीजों में 50 फीसदी ज्यादा है।

सर गंगाराम अस्पताल के मेडिसीन विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अतुल कक्क्ड़ का कहना है कि वर्ष 2015-17 के बीच गंगाराम अस्पताल में टाइप टू मधुमेह के 225 और 50 सामान्य मरीजों पर शोध किया गया।

इन मरीजों से उनके यौन क्रिया से संबंधित पांच सवाल किए गए, जिसमें पता चला है कि डायबिटीज के 173 (78.5 प्रतिशत) मरीजों को इरेक्शन डिसऑर्डर (यौन समस्या) है, जबकि सामान्य वर्ग के 46 फीसदी मरीजों में यह समस्या है। जिन लोगों को पांच वर्ष से कम समय से डायबिटीज है उनमें 43.6 फीसदी यह समस्या है जबकि 3.6 फीसदी मरीजों में यह समस्या गंभीर है।
इन मरीजों में ज्यादा मिल रही परेशानी

डॉक्टरों के अनुसार छह से दस साल से डायबिटीज से जूझ रहे 83 फीसदी मरीजों में समस्या देखने को मिली है जबकि इनमें 10 फीसदी से ज्यादा लोगों में इसकी स्थिति गंभीर है।

इसके साथ ही 10 साल से ज्यादा समय से डायबिटीज के शिकार 78.6 मरीजों में यह समस्या देखने को मिली है जबकि 16.4 फीसदी मरीजों में यह समस्या गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी है।

अस्पताल के मेडिसीन विभाग के ही डॉ. एम सोंधी बताते हैं कि इरेक्शन डिसऑर्डर वह बीमारी है, जिसमें संभोग के संतोषजनक स्तर के अनुसार वीर्य का स्खलन नहीं हो पता है।

कई बार यह तनाव, शराब, सिगरेट, मोटापा, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और जननांगों के रक्त के प्रवाह के कम होने से भी यह समस्या आती हैर। लेकिन ऐसा लगातार होने लगे तो इंसान को सचेत हो जाना चाहिए।

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