उत्तर प्रदेशराष्ट्रीयलखनऊ

स्मृति ईरानी के कार्यक्रम कहीं तिरंगे तो कहीं राष्ट्रगीत का अपमान

smriti-irani-569345778207d_exlstमानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के प्रदेश में हुए दो कार्यक्रमों के दौरान एक जगह राष्ट्रगीत तो दूसरी जगह तिरंगे का अपमान हुआ।

हरदोई के बाल विद्या भवन में कार्यक्रम के दौरान स्मृति को बंद तिरंगे को ही सलामी देनी पड़ी। वहीं, राजधानी के बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में आयोजित 20वें स्थापना दिवस समारोह में एक तरफ राष्ट्रगीत चल रहा था तो सामने भाजपा सांसद अंजू बाला का भाषण।

इतना ही नहीं राष्ट्रगीत को बीच में ही बंद भी करा दिया गया। राजधानी के बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विवि के 20वें स्थापना दिवस समारोह में स्मृति के पहुंचने से पहले ही राष्ट्रगीत का अपमान हुआ।

मिश्रिख से भाजपा सांसद अंजू बाला मंच पर अपना भाषण दे रहीं थीं। तभी पीछे से ऑडिटोरियम में वंदेमातरम राष्ट्रगीत शुरू कर दिया गया। पहले तो अंजू बाला का भाषण भी इसकेसाथ चलता रहा, वहीं उनके मंच से उतरने केबाद अन्य वक्ता व एंकर माइक पर बोलते दिखे।

इतना ही नहीं इसके बाद राष्ट्रगीत को बीच में ही बंद भी करवा दिया गया। वहीं, इससे पहले हरदोई के बाल विद्या भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तिरंगे को फहराने का प्रयास किया, लेकिन वह पूरी तरह नहीं खुला और कुछ नीचे आ गया। इसकी वजह से झंडा उल्टा हो गया। स्मृति ईरानी ने इसी झंडे को सलामी दी। इसे लेकर कार्यक्रम स्थल पर चर्चा होती रही।

पहली बार हरदोई जिले पहुंची केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने जिले पर सौगातों की बौछार कर दी। केंद्रीय विद्यालय को इंटर तक की मान्यता दी। 10 में ई कक्षाओं का उपहार भी दिया। उन्होंने कहा कि मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने में इस जिले को भी शामिल कराया जाएगा।

उन्होंने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की सारांश की लांचिंग की घोषणा करते हुए कहा कि अब बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता पैरेंट्स मीटिंग में ही नहीं बल्कि रोज मोबाइल एप से जांची जा सकती है।

लोग जब चाहें तब अपने बच्चे की पढ़ाई की प्रगति की जानकारी कर सकते हैं। सारांश प्रोजेक्ट न सिर्फ बच्चों की कमियों को दूर करेगा बल्कि देश भर में शैक्षिक गुणवत्ता को भी सुधारेगा।

बाल विद्या भवन में आयोजित कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राष्ट्रीय झंडा फहराया लेकिन झंडा पूरी तरह नहीं खुला। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ।

 

Related Articles

Back to top button