पर्यटन

फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने से पहले जान लें ये नियम, एक गलती से बीच रास्ते डायवर्ट हो सकता है विमान

नई दिल्ली: हवाई सफर के दौरान मोबाइल की बैटरी खत्म होने पर पावर बैंक काफी काम आता है, लेकिन इसे विमान में ले जाने और इस्तेमाल करने के नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। 11 अक्टूबर को इंडिगो की एक उड़ान में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में है। बताया गया कि यात्री के सामान रखने वाले ऊपरी केबिन में रखे पावर बैंक से आग लगी, जिसके बाद विमान को रास्ते से हैदराबाद की ओर मोड़ना पड़ा। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विमानन सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि उड़ान के दौरान पावर बैंक रखने, इस्तेमाल करने और उसकी क्षमता से जुड़े किन नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

पावर बैंक चेक-इन बैग में रखना है मना

पावर बैंक में लिथियम बैटरी होती है, जिसमें खराबी आने पर आग लगने का खतरा रहता है। इसी वजह से इसे विमान के निचले हिस्से में रखे जाने वाले चेक-इन सामान में नहीं रखना चाहिए। इसे अपने साथ केबिन बैग या हैंड बैग में रखना जरूरी है। इससे जरूरत पड़ने पर चालक दल के सदस्य डिवाइस में आग या धुआं उठने की स्थिति में तेजी से कार्रवाई कर सकते हैं। यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन के मौजूदा नियमों की जानकारी लेना भी जरूरी है।

सीट के ऊपर वाले सामान रखने के स्थान पर न छोड़ें पावर बैंक

पावर बैंक को सीट के ऊपर बने सामान रखने वाले खांचे में रखने से बचना चाहिए। वहां डिवाइस में गर्मी बढ़ने या धुआं निकलने की स्थिति में समस्या का तुरंत पता लगाना मुश्किल हो सकता है। बेहतर है कि इसे ऐसी जगह रखें, जहां उस पर आसानी से नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत चालक दल को सूचना दी जा सके। हालांकि, इसे कहां रखना स्वीकार्य है, इस बारे में विमान के चालक दल के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

उड़ान के दौरान पावर बैंक के इस्तेमाल पर पाबंदी

पावर बैंक ले जाने की अनुमति और उड़ान में उसके इस्तेमाल की अनुमति अलग-अलग बातें हैं। अक्टूबर 2026 में लागू नियमों के अनुसार, यात्रियों को उड़ान के दौरान पावर बैंक से मोबाइल या अन्य उपकरण चार्ज करने और विमान की सीट पर मौजूद बिजली के सॉकेट से पावर बैंक चार्ज करने की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी गई है। इसलिए यात्रा से पहले एयरलाइन के मौजूदा निर्देशों की पुष्टि करें और चालक दल की हिदायतों का पालन करें।

100 Wh, 160 Wh के नियम को समझें

पावर बैंक की क्षमता के आधार पर उसे विमान में ले जाने की अनुमति तय होती है। आम तौर पर इन क्षमताओं के आधार पर नियम समझे जा सकते हैं:

  • 100 Wh तक: सामान्य तौर पर केबिन बैग में ले जाने की अनुमति होती है, लेकिन एयरलाइन के नियम लागू रहते हैं।
  • 100 Wh से अधिक और 160 Wh तक: एयरलाइन की पूर्व अनुमति जरूरी हो सकती है।
  • 160 Wh से अधिक: आम यात्री विमान में ऐसे पावर बैंक ले जाने की अनुमति नहीं होती।

ध्यान रखें कि क्षमता के अलावा पावर बैंक की स्थिति, उसकी पैकिंग और एयरलाइन की शर्तें भी मायने रखती हैं। खराब, क्षतिग्रस्त या फूली हुई बैटरी वाले पावर बैंक को यात्रा में साथ ले जाने से बचना चाहिए।

mAh से Wh में कैसे पता करें पावर बैंक की क्षमता?

पावर बैंक पर अक्सर उसकी क्षमता मिलीएम्पियर-घंटा यानी mAh में लिखी होती है, जबकि हवाई यात्रा के नियमों में वाट-घंटा यानी Wh का इस्तेमाल किया जाता है। क्षमता का अनुमान लगाने के लिए यह सूत्र उपयोग किया जा सकता है:

Wh = (mAh × वोल्टेज) ÷ 1000

यदि बैटरी का नाममात्र वोल्टेज 3.7 वोल्ट है, तो 20,000 mAh वाले पावर बैंक की क्षमता करीब 74 Wh और 30,000 mAh वाले पावर बैंक की क्षमता करीब 111 Wh होगी। इस तरह 30,000 mAh वाला पावर बैंक 100 Wh की सीमा से ऊपर आता है और उसे ले जाने के लिए एयरलाइन की अनुमति की जरूरत पड़ सकती है।

इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया के नियमों में क्या अंतर है?

पावर बैंक को लेकर विमानन नियामक के सुरक्षा नियमों के साथ-साथ एयरलाइंस की अपनी शर्तें भी हो सकती हैं। इंडिगो, स्पाइसजेट, अकासा एयर और एयर इंडिया में पावर बैंक की क्षमता, संख्या और इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों की पुष्टि यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से करनी चाहिए।

एयर इंडिया के लिए अधिकतम दो पावर बैंक और 100 Wh की सीमा का दावा भी संबंधित एयरलाइन की मौजूदा नीति से जांच लेना चाहिए। नियमों में बदलाव संभव है, इसलिए पुराने निर्देशों के आधार पर यात्रा की तैयारी करना सही नहीं होगा।

हवाई यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

पावर बैंक को चेक-इन सामान में न रखें, उसकी क्षमता और बैटरी की स्थिति जांचें तथा उसे नुकसान से बचाकर रखें। उड़ान के दौरान पावर बैंक का इस्तेमाल या चार्जिंग करने से पहले एयरलाइन के निर्देशों को समझें। यदि डिवाइस असामान्य रूप से गर्म हो, उसमें से धुआं निकले या जलने की गंध आए, तो उसे खुद संभालने के बजाय तुरंत चालक दल को सूचित करें। इन सावधानियों से हवाई यात्रा के दौरान बैटरी से जुड़ी दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

Related Articles

Back to top button