स्तम्भ
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जीवन को मुग्ध करती है रूप, रस, गंध और ध्वनि
अस्तित्व पूर्ण है। इसका प्रकट भाग पूर्ण है और अप्रकट भी। प्रकृति इसकी पूर्ण अभिव्यक्ति है। इसलिए पूर्णता का आस्वाद…
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संसार को मनोरम बनाने का प्रचीन ज्ञान अभिलेख है ‘ऋग्वेद’
प्रकृति सुसंगत व्यवस्था है। यह अपनी अव्यवस्था को भी अल्पकाल में पुनर्व्यवस्थित करती है। प्रकृति की गति की एक लय…
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अल्पकाल में ही विदा हो जाती है होली : हृदयनारायण दीक्षित
होली आई। गई। होली प्रकृति का सौन्दर्य है। साधारण नहीं। अति साधारण। तब प्रकृति अपनी पूरी आभा से खिलती है।…
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आरएसएस की अविराम एवं भाव यात्रा का ध्येय पथ
पुस्तक समीक्षा ध्येय पथ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नौ दशक लोकेन्द्र सिंह जनसंचार माध्यमों में जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…
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धन की बात
आज ‘धन’ आया था मेरे पास। मैं उसको देखकर प्रसन्न हो गया, दुआ, सलाम के बाद मैंने उससे पूछा कि…
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टॉयलेट- एक मिशन कथा
“दरवाजा बंद करो भई, दरवाजा बंद. दरवाजा बंद करो, बीमारी बंद…” अमिताभ बच्चन अपने निराले अंदाज़ में गाते हैं। गाते…
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गांधी का झाडू
मन की सफाई जरूरी, वहां फैला हुअा है गंदगी का साम्राज्य सफाई की बात इन दिनों इतनी जोर-जोर से देश…
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गंधी वृक्ष
आशुतोष राणा की कलम से… भाईसाहब क़स्बे के सबसे विशाल छायादार दरख़्त को जड़ से उखाड़ फेंकने के भीम कार्य…
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नहीं, विपक्ष का अंत नहीं होगा
सन 2019 के चुनाव तक भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता के प्रयासों को लगातार झटके लग रहे हैं। उधर, नरेंद्र…
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उत्कृष्ट जीवन मूल्य ही नहीं, मनुष्य की स्वाभाविक प्यास भी है स्वतंत्रता
सजग होकर ही उड़ना हमेशा होता है आनंददायी मनुष्य स्वेच्छा से जन्म नहीं लेता। मनुष्य का जन्म तमाम ज्ञात और…
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आपातकाल : आगे की कथा
आपातकाल। स्वातंत्र्योत्तर भारतीय इतिहास का संक्रमण काल। एक निरंकुश सत्तालोलुप शासक द्वारा लोकतंत्र पर कुठाराघात और अधिनायकवादी व्यवस्था थोपने का…
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‘विश्पाद गुधौलिया’
आशुतोष राणा की कलम से… उन्होंने अपने खेत पर अंगद का मंदिर बनाया हुआ था। ये पूरे संसार में एक…
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कोच अौर कप्तान की लक्ष्मण-रेखा!
वैसे तो खेल अौर राजनीति में कोई सीधा रिश्ता होता नहीं है या कहूं कि होना नहीं चाहिए लेकिन हुअा…
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समान नागरिक संहिता बनाने से पहले भारत की विशिष्टता पहचानिए
-डॉ़ रहीस सिंह आजकल तीन तलाक (ट्रिपल तलाक) के जरिए समान नागरिक संहिता पर पहुंचने सम्बंधी एक भिन्न माहौल बनता…
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लामचंद की लालबत्ती
माता पिता ने उनका नाम रामचंद्र रखा था। किंतु मेट्रिक की परीक्षा देने से ठीक पहले, वे एक शपथपत्र देकर…
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ब्राण्ड-मोदी की प्रचण्ड विजय में खतरे के संकेत भी
नवीन जोशी उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचण्ड जीत बताती है कि नरेंद्र मोदी का जादू जनता के…
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बीसीपी उर्फ़ भग्गू पटेल
आशुतोष राणा की कलम से (अपने जीवंत और प्रभावशाली अभिनय के बलबूते आशुतोष राणा ने सिनेजगत में जो ख्याति अर्जित…
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बच्चे का धर्म
सुभाष गाताडे अपनी सन्तान को क्या माता पिता के नाम जुड़ी जाति तथा धर्म की पहचान के संकेतकों से नत्थी…
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भोजपुरी का दुख
मृत्युंजय पाण्डेय बहुत प्रसिद्ध कहावत है ‘घर को आग लगी, घर के चिराग से ही।’ आज भोजपुरी के साथ भी…
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••राम रवा लपटा महाराज••
वे लोगों से अभिवादन में केवल राम राम कहते थे, खाने में उन्हें सिर्फ़ रवा का हलवा, और बेसन का…
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अपना-अपना रंग
बलिहारी हो रंगों की सर्वत्र व्याप्त शून्यता से सिरजनहार अकुला उठे। अकुलाहट कौतूहल में तब्दील हो गई। कल्पना ने पहली…
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महिला लेखन की चुनौतियां
8 मार्च अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष लेखन तो किसी के लिए भी चुनौती ही होता है चाहे वह पुरुष…
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••• लाठी गली •••
डॉक्टर लालचंद साठी, जिनके कर्मों के कारण क़स्बे के लोग उनको डॉक्टर लाठी कहने लगे।जिस गली में वे रहते थे…
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कब सुनिश्चित होगा बच्चों का खेलकूद अधिकार?
सुभाष गताडे शिवपुरी (मध्य प्रदेश) से आयी एक खबर को लेकर देशभर में बाल अधिकारों के लिए सक्रिय लोगों में…
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हर कवि के पास एक बोरा प्रेम
हिन्दी को अच्छा करने का सबसे तगड़ा उपाय तो यह ही हो सकता है कि पुरस्कार ख़त्म कर दिए जाएं।…
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फेसबुक ने बदली तो है औरत की दुनिया
सदियां बीतीं पर अभी भी इन्ही विचारधाराओं का पालक-पोषक है हमारा यह भारतीय समाज। देवी की उपासना में लीन, पुजारियों-पंडों…
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दस्तक के दस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित विशेषांक
अजीब विडम्बना है कि दस्तक तो हाथों से दी जाती है, लेकिन पूजे पांव जाते हैं। दस्तक तो हुजू़र एक…
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अपनी चोटी में बांध लो दुनिया
नवम्बर से सरकारी स्कूलों में मुफ्त सेनेटरी नैपकिन बांटने के लिए शासन ने बीस करोड़ रुपये जारी कर बीएसए व…
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