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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने ओयो, गोआईबीबो, मेकमाईट्रिप पर जुर्माना लगाया, आखिर क्यों, यहां जानें

नई दिल्ली : भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बुधवार को एमएमटी-गो (गोआईबीबो और मेकमाईट्रिप) और ओयो पर प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के लिए क्रमश: 223.48 करोड़ रुपये और 168.88 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रतिस्पर्धा प्रहरी ने एमएमटी-गो को प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए अपने बाजार व्यवहार में संशोधन करने का भी निर्देश दिया। एमएमटी-गो (गोआईबीबो और मेकमाईट्रिप) पर मौद्रिक और व्यवहारिक प्रतिबंध सीसीआई द्वारा अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करने और ओयो (ओरावेल स्टेज लिमिटेड) के साथ प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवस्था करने के लिए जुर्माना लगाया गया है।

एमएमटी-गो के साथ प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवस्था के लिए ओयो पर मौद्रिक जुमार्ना भी लगाया गया था, जिसके माध्यम से एमएमटी-गो ने 2018 में ओयो के प्रतियोगियों को अपने ऑनलाइन पोर्टल से हटा दिया था। एमएमटी-गो के खिलाफ एक बड़ा आरोप यह था कि इसने होटल भागीदारों के साथ उनके समझौतों में मूल्य समानता लागू की। यानी इन्होंने अपने होटल पार्टनर्स के साथ एक ऐसा समझौता किया, जिसके तहत होटल भागीदार अपने कमरे को किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर या फिर अपने ऑनलाइन पोर्टल पर इन कंपनियों के साथ तय कीमत के बराबर या उससे कम दाम पर रेंट के लिए नहीं दे सकते हैं।

कमीशन ने कमरों की कीमत तय करने वाली समझौते की शर्तों को समाप्त करने का भी आदेश दिया है, ताकि होटल कारोबारी कमरे की उपलब्धता को सुनिश्चित कर सकें और वह भी अन्य ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों के साथ मिलकर भी काम कर सकें।

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