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जान लें तिरंगा फहराने के बाद उतारने का भी है नियम, गलती होने पर हो सकती है 3 साल की जेल

नईदिल्ली : 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान में लोग अपने घरों व संस्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। जिला प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि पूर्व में फटे, कटे व रंग उड़े हुए राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर नया राष्ट्रीय ध्वज फहराएं। वहीं ध्यान रखें कि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते, इसे जलाते, दूषित करते,कुचलते या नियम के खिलाफ ध्वजारोहण करते हुए पाया जाता है तो उसे तीन साल की जेल या जुर्माना या दोनों दंड के रूप में मिल सकते हैं।

एडीसी हितेश कुमार मीणा ने आह्वान किया है कि इस बार भी हर घर तिरंगा अभियान में जिलावासी भागीदार बनें और पूर्व में फटे, कटे व रंग उड़े हुए राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर नया राष्ट्रीय ध्वज फहराएं। फटे, कटे व रंग उड़े हुए राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान के साथ निस्तारण करना होता है। अगर कोई व्यक्ति नियमानुसार राष्ट्रीय ध्वज निस्तारण नहीं करने में सक्षम नहीं है तो उक्त ध्वज को अपने नजदीक के किसी भी सरकारी कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।

किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा नहीं रख या लगा सकते। 2002 से पहले राष्ट्रीय ध्वज को आम लोग सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ही फहरा सकते थे ,लेकिन 2002 में इंडियन फ्लैग कोड में बदलाव किया गया। जिसके तहत कोई भी नागरिक किसी भी दिन झंडे को फहरा सकता है। झंडा अगर फट जाए या फिर मैला हो जाए तो उसे एकांत में मर्यादित तरीके से नष्ट करना चाहिए। इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 का होना चाहिए।

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