मध्य प्रदेशराज्य

मप्रः कुण्डलपुर और बांदकपुर को बनाया जाएगा पवित्र क्षेत्र, मांस-मदिरा जैसी वस्तुएं रहेंगी प्रतिबंधित

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) अपनी धर्मपत्नी साधना सिंह (wife Sadhna Singh) के साथ सोमवार को कुण्डलपुर पंचकल्याणक महा-महोत्सव (Kundalpur Panchkalyanak Maha-Festival) में बड़े बाबा के दर्शन करने पहुंचे। यहाँ उन्होंने बड़े बाबा के दर्शन, पूजन-अर्चन के बाद विद्यासागर जी महाराज का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कुण्डलपुर और बांदकपुर को पवित्र क्षेत्र बनाया जायेगा। यहाँ मांस-मदिरा जैसी वस्तुएँ प्रतिबंधित रहेंगी।

मुख्यमंत्री चौहान एवं उनकी धर्मपत्नी पंचकल्याणक महोत्सव में इंद्र एवं इंद्राणी के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने भी विद्यासागर जी महाराज का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्यश्री ने भटकी मानवता को राह दिखाने का काम किया है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा जैसे क्षेत्र में प्रेरणादायक कार्य किये हैं। आने वाली पीढ़ियां इस बात का विश्वास नहीं कर पाएंगी कि संत विद्यासागर जी महाराज जैसे महान संत व्यक्ति भी इस धरती पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी कभी कोई समस्या सामने आती है तो आचार्यश्री के स्मरण से उन्हें समाधान मिलता है। वे यहाँ मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक शिष्य के रूप मे आये हैं। यहाँ पर स्वर्ग जैसा दृश्य है। आचार्यश्री के दर्शन से ऐसा संतोष और आनंद मिलता है, जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कुण्डलपुर में बना बड़े बाबा का मंदिर अद्भुत है। यह ऐसा मंदिर है जिसे देख कर आँखें चकाचौंध हो जाती हैं। इस पवित्र धरती पर पूरी दुनिया से लोग आकर बड़े बाबा का दर्शन कर लाभ लेंगे। उन्होंने कहा कि यहाँ की पहाड़ियों पर वृक्षारोपण कर उन्हें हरा-भरा बनाया जायेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इसकी योजना तैयार करने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा विद्यासागर महाराज जी के कहे अनुसार राज्य सरकार इसी साल से एक मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में हिन्दी माध्यम से शिक्षा देगी। शिक्षा के साथ ही स्व-रोजगार पर बल दिया जायेगा। कक्षा 6वीं से व्यवसायिक शिक्षा भी दी जायेगी। उन्हों कहा कि गौ-सेवा के कार्य में समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि बेटा और बेटी को एक बराबर माने, किसी तरह का भेदभाव न करे।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना से स्थिति में बदलाव आया है। पहले वर्ष 2012 में एक हजार बेटों पर 912 बेटियाँ जन्म लेती थी, अब एक हजार बेटों पर 956 बेटियाँ जन्म ले रही है। कुण्डलपुर की पहाड़ियों को हरा-भरा करने के लिये वृक्षारोपण की योजना बनाई जायेगी। उन्होंने लोगों से पर्यावरण सुधार के लिये वृक्षारोपण का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री चौहान ने आचार्यश्री द्वारा लिखित प्रसिद्ध पुस्तक “मूकमाटी” के जर्मन अनुवाद का विमोचन किया। कुण्डलपुर पहुँचने पर महामहोत्सव समीति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रीगण का सम्मान किया और स्मृति-चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री चौहान का पूर्व मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, वेयरहाउस एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल, विधायक पीएल तंतुवाय और धर्मेंद्र लोधी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी, ब्रह्मचारी विनय भैया, सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्र बजाज, देवेन्द्र सेठ, संतोष सिंघई, संदेश जैन, डाँ सवांत सिंघई, सुधीर सिंघई, नवीन निराला, अजीत मोदी, महेन्द्र जैन सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में संभाग और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से आये श्रद्धालु मौजूद थे।

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