राष्ट्रीय

PM मोदी ने प्रधानमंत्री संग्रहालय का किया उद्घाटन

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को “प्रधानमंत्री संग्रहालय” का उद्घाटन किया। यह स्वतंत्रता के बाद अपने प्रधानमंत्रियों के जीवन और योगदान के माध्यम से लिखी गई भारत की गाथा का वर्णन करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साधारण व्यक्ति की तरह टिकट लेकर संग्रहालय का उद्घाटन करने हेतु प्रवेश किया। वह इसके पहले आगंतुक भी बने। राष्ट्र निर्माण की दिशा में भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से निर्देशित, प्रधानमंत्री संग्रहालय स्वतंत्रता के बाद से भारत के प्रत्येक प्रधानमंत्री की विचारधारा अथवा कार्यकाल से इतर देश के प्रति उनके योगदानों के लिए एक श्रद्धांजलि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह एक समावेशी प्रयास है, जिसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को हमारे सभी प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व, दूरदृष्टि और उपलब्धियों के प्रति संवेदनशील बनाना और प्रेरणा देना है। संग्रहालय में कुल 43 गैलरी हैं। स्वतंत्रता संग्राम के प्रदर्शन से शुरू होकर संविधान के निर्माण तक यह संग्रहालय इस गाथा को सुनाता है कि कैसे हमारे प्रधानमंत्रियों ने विभिन्न चुनौतियों के बावजूद देश को नई राह दी और देश की सर्वांगीण प्रगति को सुनिश्चित किया।

इस संग्रहालय की लागत करीब 271 करोड़ रुपये आई है. इसे 2018 में मंजूरी मिली थी और चार साल के भीतर ये बनकर तैयार हो गया. ये संग्रहालय नेहरू म्यूजियम में करीब 10 हजार वर्ग मीटर की जमीन पर बना है. भारत के संविधान को भी प्रधानमंत्री संग्रहालय में जगह दी गई है. ये संग्रहालय आजादी के बाद भारत की कहानी को अपने प्रधानमंत्रियों के जीवन और योगदान के जरिये बताएगा. इस सेंटर के लिए प्रधानमंत्रियों से जुड़ी जानकारी दूरदर्शन, फिल्म डिवीजन, संसद टीवी, रक्षा मंत्रालय, मीडिया हाउस (भारतीय और विदेशी), प्रिंट मीडिया, विदेशी समाचार एजेंसियों, विदेश मंत्रालय के तोशाखाना आदि संस्थानों से जुटाई गई है. यही नहीं पूर्व पीएम के बारे में बहुमूल्य जानकारी जुटाने के लिए उनके परिवारों से भी संपर्क किया गया था. प्रधान मंत्री। सामग्री ज्यादातर मामलों में स्थायी लाइसेंस पर हासिल की गई हैं. अभिलेखागार (एकत्रित कार्य और अन्य साहित्यिक कार्य, महत्वपूर्ण पत्राचार), कुछ व्यक्तिगत वस्तुओं, उपहार और यादगार वस्तुओं का उचित उपयोग (सम्मान, सम्मान, पदक प्रदान किए गए, स्मारक टिकट, सिक्के, आदि), प्रधान मंत्री के भाषण और विचारधाराओं का वास्तविक प्रतिनिधित्व और विभिन्न प्रधानमंत्रियों के जीवन के पहलुओं को विषयगत प्रारूप में प्रतिबिंबित किया गया है.

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