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शिंदे सरकार ने लिए कई बड़े फैसले, गणेश उत्सव और दही हांडी से जुड़े सभी मामलों को वापस लेने का निर्णय

मुंबई: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) की अगुवाई में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए है। कैबिनेट बैठक में आज गणेश उत्सव और दही हांडी (कृष्ण जन्माष्टमी) के संबंध ( Ganesh festival and Dahi Handi) में पूरे राज्य में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन में मार्च 2022 तक के सभी मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

मीडिया से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, COVID दिशानिर्देशों के उल्लंघन के मामले भी वापस लिए जाएंगे। हमारा स्वास्थ्य विभाग मंकीपॉक्स के लिए अलर्ट पर है और इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इस दौरान एकनाथ शिंदे ने घोषणा की कि, प्रदेश में स्थाई गैर अनुदान आधार पर 3 नये समाज कार्य महाविद्यालय स्थापित किये जाएंगे, ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन हितग्राहियों को विभिन्न रियायतें दी जाएगी, लोनार झील संरक्षण, संरक्षण एवं विकास योजना स्वीकृत की जाएगी। माध्यमिक न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

पुलिस के लिए घर
मुंबई, मुंबई महानगर और ग्रामीण महाराष्ट्र जैसे सभी क्षेत्रों में पुलिस के लिए पर्याप्त संख्या में घर उपलब्ध होंगे। इसके लिए तत्काल और लंबी अवधि की योजना बनाने के आदेश दिए गए हैं। हम पुलिस घरों की स्थिति बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नियमित ऋण चुकौती करने वाले किसानों को राहत
नियमित रूप से अपना ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 प्रोत्साहन राशि दी गई है। पश्चिमी महाराष्ट्र के उन किसानों को भी 50 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी जो बाहर हैं। इसके लिए सरकार राजकोष से 6 हजार करोड़ रुपये देने जा रही है। इससे 14 लाख किसानों को फायदा होगा। तीन साल की ऋण चुकौती अवधि भी थी। यह दो साल के लिए किया गया है।

बिजली शुल्क पर छूट
बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर और स्मार्ट मीटर मुहैया कराने की योजना है। इसके लिए 39 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे 1 करोड़ 66 लाख ग्राहकों को फायदा होगा। इसलिए किसी भी ग्राहक से मीटर लेने का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

एकनाथ शिंदे ने यह भी जानकारी दी है कि जलसिंचन योजना के किसानों को बिजली दरों में रियायत दी जायेगी। उन्होंने कहा, सिंचाई योजना में अति उच्च दाब, उच्च दाब एवं निम्न दाब सिंचाई योजना के किसानों से बिजली दर के अनुसार 2 रुपये 16 पैसे वसूल किये जा रहे थे। उसने एक रुपये 16 पैसे कर दिया गया है यानी प्रति यूनिट एक रुपये की छूट दी गई है। इससे कृषि उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा।

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