
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली के द्वारका में यमुना पुनरुद्धार से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में गंदे पानी के शोधन, सीवेज प्रबंधन और पेयजल से संबंधित कार्य शामिल हैं। इस दौरान शाह ने मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की पिछली सरकारों पर नदी की सफाई को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। साथ ही राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को अगले 30 साल तक सत्ता हासिल नहीं होने वाली है।
मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि यमुना में उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी गंदा पानी आता था। अब तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार होने के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लिए नदी की सफाई का समयबद्ध रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यमुना को स्वच्छ बनाने की दिशा में 40 प्रतिशत से अधिक काम आगे बढ़ चुका है।
गृह मंत्री के मुताबिक, दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही महीने में एक अहम बैठक की थी। इसमें उन्होंने दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के सामने यमुना की सफाई को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा था। शाह ने कहा कि सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और मई 2029 से पहले स्वच्छ यमुना का परिणाम जनता के सामने होगा।
कांग्रेस और केजरीवाल की सरकारों पर लगाए गंभीर आरोप
यमुना की बदहाली को लेकर अमित शाह ने कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सरकारों के कार्यकाल में रोजाना करीब दो हजार टन गोबर यमुना में डाला जाता था। शाह ने कहा कि जो काम पिछले 30 वर्षों में नहीं हो सका, उसे अब पूरा करके दिखाया जाएगा।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि पहले कूड़े के पहाड़ों को लेकर राजनीति की जाती थी, जबकि भाजपा सरकार उन्हें कम करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही कूड़े के पहाड़ों की जगह बगीचे दिखाई देंगे।
शाह ने यमुना के शुद्धिकरण को लेकर पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सराय काले खां, आईटीओ और वासुदेव घाट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई के लिए भाजपा सरकार ने काम किया है और केवल बहाने बनाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
वोट चोरी के आरोपों पर राहुल गांधी को घेरा
अमित शाह ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस तथा राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी घुसपैठियों के वोट बचाने के लिए वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं।
शाह ने गुजरात, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और असम में कांग्रेस की चुनावी स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कई राज्यों में लंबे समय से पार्टी सत्ता से बाहर है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां वह मतदाता सूची और चुनाव आयोग की व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाती।
उन्होंने तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि तमिलनाडु में भी पार्टी सहयोगी के रूप में राजनीतिक भूमिका निभा रही है। शाह का कहना था कि चुनावी नतीजों के आधार पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
‘अमित शाह यहीं पैदा हुआ और यहीं रहता है’
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जब वह अगले 30 वर्षों तक भाजपा की सरकार रहने की बात करते हैं, तो कांग्रेस इसे वोट चोरी से जोड़ने लगती है। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि वह यहीं पैदा हुए और यहीं रहते हैं, जबकि राहुल गांधी पर उन्होंने बार-बार विदेश जाने को लेकर कटाक्ष किया।
शाह ने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ रही है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि वह विदेश में क्यों रहते हैं, हालांकि इसे उनका निजी मामला भी बताया। इसके बाद उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस को अगले 30 वर्षों तक सत्ता हासिल नहीं होने वाली। शाह ने यह भी कहा कि लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद कांग्रेस ने यमुना की सफाई के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।
पंजाब में भी कांग्रेस पर अमित शाह का हमला
गृह मंत्री ने पंजाब की राजनीति को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन करने से समस्याओं का समाधान नहीं होता। विपक्षी दलों को उन क्षेत्रों में विकास योजनाएं लानी चाहिए, जहां से उनके प्रतिनिधि चुनकर आते हैं।
शाह ने दावा किया कि पंजाब की जनता ने वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनाने का मन बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिल्ली में हारने के बाद पंजाब में सक्रिय है और वहां के मुख्यमंत्री को काम नहीं करने दे रही है।
उन्होंने पंजाब से कांग्रेस का राजनीतिक सफाया होने का दावा करते हुए कहा कि वहां नशे के कारोबार को बंद करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। शाह के इन बयानों के साथ दिल्ली में यमुना की सफाई और विपक्ष के चुनावी आरोपों को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।



