

ईडी मामले की अगर जांच करती है तो भ्रष्टाचार के इस मामले में घोटाले की पूरी रकम आरोपियों से ही वसूल की जाएगी। जिसमें रकम वसूल करने के लिए आरोपियों की चल-अचल संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
आईपीसी की धारा 409 के तहत प्रधान सचिव के खिलाफ मामला चलाया जा सकता है। इस मामले में आरोपी को आजीवन कारावास या दस साल की कैद हो सकती है।