अब अवैध निर्माण पर कसेगा शिकंजा, नहीं लुटेंगे भवन मालिक

दस्तक टाइम्स/एजेंसी- हिमाचल प्रदेश: प्रदेश के पांच शहरों में भवनों का अवैध निर्माण रोकने और भवन मालिकों को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं देने के लिए टीसीपी ने नई पहल की है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग पांच शहरों शिमला, धर्मशाला, बिलासपुर, हमीरपुर और बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विशेष प्राधिकरण क्षेत्र में डा. एपीजे अब्दुल कलाम ई मैप केंद्र खोलने जा रहा है। इन्हें विभाग आउटसोर्स करेगा।
खुली निविदा के माध्यम से विशेषज्ञ आर्किटेक्ट और प्लानरों का चयन कर उन्हें केंद्र सौंपे जाएंगे। विभाग ने निविदाएं आमंत्रित करने के साथ भवनों के नक्शे बनाने और भूमि विभाजन करने की फीस भी तय कर दी है। विभाग की इस पहल से भवन निर्माण के लिए लोगों को लुटना नहीं पड़ेगा।
सरकार द्वारा निर्धारित फीस चुकाकर लोग नियमों के तहत ही अपने भवन बनवा सकेंगे। समय-समय पर भवन निर्माण का विशेषज्ञों से निरीक्षण करवाने की सुविधा मिलेगी। ई मैप केंद्र से तैयार करवाए जाने वाले नक्शों को ऑनलाइन अर्प्लाई किया जाएगा। इस योजना से टीसीपी के नियमों के तहत ही निर्माण होगा। अवैध निर्माण के मामले रुकेंगे।
भूमि के विभाजन की यह होगी फीस- 750 वर्ग मीटर की भूमि के विभाजन के लिए के लिए 2500 रुपये लगेंगे। 751 से 1500 वर्ग मीटर भूमि पर 3000 रुपये और 1501 से 2500 वर्ग मीटर भूमि के लिए 3500 रुपये चुकाने होंगे। भूमि विभाजन के लिए आवेदक को सरकार की ओर से तय सभी दस्तावेज केंद्र में सौंपने होंगे।
केंद्र में विशेषज्ञ क्लाइंट के मुताबिक नक्शा तैयार करेंगे। विभाग की ओर से लगने वाली आपत्तियों को समय से दूर करेंगे। 150 वर्ग मीटर भूमि के भवन निर्माण का स्ट्रक्चरल डिजाइन बनाने को 1500 रुपये फीस लगेगी। भवन निर्माण के दौरान निरीक्षण करने के लिए प्रति विजिट 500 रुपये की फीस लगेगी।
बीपीएल परिवारों से नहीं लेंगे कोई शुल्क- भवन निर्माण के लिए नक्शा बनवाने और उसे पास करवाने के लिए बीपीएल परिवारों को बड़ी राहत दी गई है। टीसीपी विभाग ने इस श्रेणी के लोगों से किसी भी प्रकार का शुल्क न लेने का फैसला लिया है।
टीसीपी निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि भवन निर्माण करने वालों को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं देने के लिए सरकार ने पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। कम खर्च पर लोगों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। पांच शहरों में ई मैप केंद्र खोले जाएंगे। योजना अगर सफल रही तो पूरे प्रदेश में ई मैप केंद्र खोले जाएंगे। भवन निर्माण विशेषज्ञों को केंद्र सौंपे जाएंगे।
