आदिवासियों को लेकर कांग्रेस पर बरसे विष्णु देव साय, बोले- सिर्फ वोट बैंक की तरह किया इस्तेमाल

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आदिवासियों के कल्याण और विकास को प्राथमिकता दी है। साय ने बुधवार को रायपुर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर यह हमला बोला।
साय बोले- भाजपा ने आदिवासी समाज की चिंता की
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी सरकार ने वास्तव में जनजातीय समाज के हितों की चिंता की है तो वह भाजपा की सरकार है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रधानमंत्री रहते अनुसूचित जनजाति के लोगों के समुचित विकास के लिए भारत सरकार में अलग मंत्रालय बनाया गया था। साय ने कहा कि कांग्रेस भी ऐसा कदम उठा सकती थी, लेकिन लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद उसने अनुसूचित जनजाति के लोगों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।
पीएम-जनमन योजना का किया जिक्र
साय ने कहा कि आदिवासी समुदाय को केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित पीएम-जनमन योजना का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज के कल्याण और विकास के लिए सरकार की ओर से योजनाएं चलाई जा रही हैं।
आदिवासी दिवस नहीं मनाने का कांग्रेस ने लगाया आरोप
इसी बीच आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने बुधवार को रायपुर दौरे के दौरान राज्य सरकार पर आदिवासी दिवस नहीं मनाने का आरोप लगाते हुए उसकी आलोचना की। कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आयोजित आदिवासी कांग्रेस कार्यकारिणी समिति और आदिवासी सलाहकार परिषद की बैठक में शामिल होने के बाद भूरिया ने पत्रकारों से बातचीत की।
भूरिया बोले- आदिवासी समाज से माफी मांगें मुख्यमंत्री
विक्रांत भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लंबे समय से राजनीति में हैं और उन्हें आदिवासी समाज का लगातार सहयोग एवं समर्थन मिलता रहा है। इसके बावजूद उन्होंने आदिवासी समाज के अस्तित्व को ही नकार दिया और आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज को बधाई तक नहीं दी। भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री को इसके लिए आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए।
आरक्षण को लेकर भी कांग्रेस नेता ने रखी बात
भूरिया ने आरक्षण की वकालत करते हुए कहा कि समाज में समानता आने तक आरक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि आरक्षण उन लोगों को मिला था, जिनके साथ ऐतिहासिक अन्याय हुआ था। उनके साथ जातिगत भेदभाव किया गया, जिसकी मानसिकता आज भी कहीं न कहीं मौजूद है।
समानता आने तक आरक्षण जरूरी: भूरिया
कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक जातिगत भेदभाव पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक आरक्षण को हटाया नहीं जा सकता। उनके मुताबिक सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और मानसिक स्तर पर समानता स्थापित होने तक आरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश की एकता बनाए रखने के लिए भी यह जरूरी है।



