उत्तर प्रदेशराज्य

किसी रोमांटिक फिल्म से कम नहीं अखिलेश-डिम्पल की लव स्टोरी

अपने बेहतरीन व्यक्तित्व से राजनीति में अलग छवि बनाने वाले अखिलेश यादव के बारे में कुछ बातें ऐसी भी हैं जिन्हें शायद कम लोग ही जानते होंगे।

आइये ऐसी हुई कुछ खास बातों को हम आपसे साझ कर रहे हैं जिन्हें जानने के बाद आप अखिलेश को और करीब से जान सकेंगे। 

अखि‍लेश यादव का प्रोफाइल
– 1 जुलाई, 1973 को इटावा में जन्म।
– राजस्थान के धौलपुर सैनिक स्कूल से पढ़ाई-लिखाई। 
– मैसूर यूनि‍वर्सि‍टी से एनवायरन्मेंटल टेक्नॉलोजी में इंजीनियरिंग 
– ऑस्ट्रेलिया के सिडनी यूनि‍वर्सि‍टी से मास्टर्स डिग्री। 
– पहली बार 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट से उपचुनाव जीत यंगेस्ट सांसद बने। 
– 3 बार सांसद रहे (2000-2004, 2004-2009, 2009-2012) 
– 2012 में उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने (38 साल उम्र)।

डिंपल आर्मी ऑफिसर की बेटी हैं तो वहीं अखिलेश देश की राजनीति में बड़ा स्थान रखने वाले सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बेटे। एक का परिवार सियासी दांवपेंच से कोसो दूर तो वहीं एक के परिवार में सियासत के दो-चार के अलावा कुछ नहीं। कहते हैं ना जोड़ियां तो आसमानों में बनती हैं..और इसी कारण डिंपल और अखिलेश भी मिले, दोस्त बने, दोस्ती प्यार में बदली और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के हमसाये और हमसफर बन गये।
उत्तराखंड से डिंपल यादव उत्तराखंड की रहने वाली हैं और इनका परिवार आर्मी बैकग्राउंड से है। यह तीन बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। डिंपल यादव ने लखनऊ विवि से पढाई की तो लखनऊ के ही एक फंक्शन में उनकी मुलाकात अखिलेश यादव से एक कॉमन फ्रेंड के जरिये हुई।  उस समय अखिलेश सियासी दांवों से दूर आस्ट्रेलिया से पढ़ाई करके लौटे थे।  दोनों को एक-दूसरे की बातें अच्छी लगीं, फिर दोस्ती हुई और बाद में दोस्ती प्यार और शादी में तब्दील हो गई।
ऐसा कहा जाता है कि पहले दोनों की शादी के लिए मुलायम सिंह यादव तैयार नहीं थे लेकिन बाद में दोनों के प्यार के आगे उन्हें झुकना ही पड़ा।  डिंपल और अखिलेश के प्यार की बगिया में उनके तीन फूल अदिति, अर्जुन और टीना है, जिसमें अर्जुन और टीना जुड़वा हैं।  डिंपल यादव पेंटिंग और घुड़सवारी का शौक रखती हैं।
अखिलेश की डिंपल से मुलाकात इंजीनियरिंग के दिनों में हुई थी। वे तब महज 21 साल के थे और डिंपल 17 की।  डिंपल तब स्कूल में पढ़ती थीं। दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के घर पर हुई। पहली ही मुलाकात में दोनों के बीच अच्छी कैमिस्ट्री जम गई।
अखिलेश के जीवन पर किताब लिखने वाली सुनीता ने उनकी लाइफ से जुड़े पर्सनल फैक्ट्स उजागर किए हैं। सुनीता की किताब ‘अखिलेश यादव – बदलाव की लहर’ में उन्होंने डिंपल के साथ रिलेशनशिप का भी जिक्र किया है। पहली मुलाकात में अच्छी दोस्ती होने के बाद अखिलेश और डिंपल में रेग्यूलर बातचीत होने लगी।  जल्द ही ये दोस्ती प्यार में बदल गई।
सुनीता की किताब के मुताबिक अखिलेश और डिंपल फ्रेंड से मिलने का बहाना बनाकर एकदूसरे से छुपकर मिलते थे। वे कभी लखनऊ के मोहम्मद बाग क्लब, तो कभी कैंट सूर्या क्लब में।इंजीनियरिंग पूरी होने के बाद अखिलेश ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री लेने सिडनी निकल गए। अखिलेश के हवाले से किताब में लिखा है कि सिडनी जाने के बाद भी अखिलेश डिंपल से लगातार कॉन्टेक्ट में रहे। वे डिंपल को लेटर्स लिखते थे, ग्रीटिंग कार्ड्स भेजते थे।
यह सिलसिला अखिलेश की मास्टर्स डिग्री पूरी होने तक चला। डिंपल उत्तराखंड के निवासी रहे लेफ्टिनेंट कर्नल एससी रावत की बेटी हैं। जब डिंपल-अखिलेश की लव स्टोरी चल रही थी, तब पहाड़ी विद्रोही अलग राज्य की मांग कर रहे थे। डिंपल के गांव के लोग अखिलेश के पिता मुलायम के सख्त खिलाफ थे। जब मुलायम को इस रिश्ते का पता चला तो उनकी चिंता बढ़ गई। कहीं उनके विरोधी अखिलेश की जान के दुश्मन न बन जाएं।
अखिलेश जब सिडनी से लौटे तो उनके पिता ने पहला सवाल किया – शादी कब करोगे? तब अखिलेश की दादी मुरती देवी बीमार थीं। अपनी फैमिली को मनाने के लिए अखिलेश ने दादी का सहारा लिया। उन्होंने अपनी दादी को अपनी प्रेम कहानी कह सुनाई और उन्होंने तुरंत हामी भर दी। दादी की हां के बाद अखिलेश डिंपल से शादी करने के लिए अड़ गए। उन्हें अपना बनाकर ही दम लिया।
यादव और राजपूतों के बीच शादी को लेकर पॉलिटिकल रिश्ते बिगड़ने का भी डर था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बिहार के सीनियर सपा नेता कपिल देव सिंह और उत्तराखंड के सपा नेता विनोद बर्थवाल ने मुलायम को शादी के लिए हां कहने की सलाह दी। अमर सिंह ने भी अपना सपोर्ट दिया। 24 नवंबर 1999 में डिंपल और अखिलेश विवाह सूत्र में बंध गए। अखिलेश और डिंपल आज अदिति, टीना और अर्जुन नाम के 3 बच्चों के पेरेंट्स हैं।
 

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