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जंगली हाथी ने 16 ग्रामीणों को उतारा मौत के घाट, वन अधिकारी ने बताई ये खास वजह

 

 

झारखंड में पिछले दो महीनों में एक दुष्ट हाथी ने कम से कम 16 ग्रामीणों की हत्या कर दी है। ये नर हाथी 22 हाथियों के झुंड से अलग होने के बाद से राज्य के आदिवासी संथाल परगना क्षेत्र में भगदड़ मचा रहा है।

एक वन्यजीव अधिकारी ने गुरुवार को कहा परिपक्‍क नर की उम्र 15 या 16 साल की होती है। क्षेत्रीय प्रभागीय वन अधिकारी सतीश चंद्र राय ने मीडिया को बताया “ऐसा लगता है कि ये नर हाथी हीट में था और उसके बुरे व्यवहार या अन्य हाथियों के साथ यौन प्रतिद्वंद्विता के कारण उसे हाथियों ने अपने समूह से निष्कासित कर दिया गया था।” उन्‍होंने बताया “हम उसके व्यवहार का अध्ययन कर रहे हैं और 20 अधिकारियों की एक टीम लगातार उसे ट्रैक करने की कोशिश कर रही है क्योंकि हमारी पहली प्राथमिकता जानवर की रक्षा करना है।”

अधिकारी ने कहा हाथी, जो अब झुंड के साथ फिर से जुड़ने की कोशिश कर रहा है और अपने क्रूर व्‍यवहार को कम करने में कामयाब हो रहा है। मंगलवार को हाथी ने एक बुजुर्ग दंपत्ति को अपनी सूंड से उठा लिया और सुबह होने से पहले उनकी हत्या कर दी।राय ने कहा कि हाथी केवल उन लोगों को मार रहा था जो गलती से इसके रास्ते में आ गए, बहुत करीब आ गए, या जिन्होंने इसे भड़काने और तस्वीरें लेने की कोशिश की।

ये हाथी लोगों के घरों में सेंध नहीं लगा रहा है या जानबूझकर लोगों पर हमला नहीं कर रहा है। “हम देखना चाहते हैं कि क्या उसे झुंड में वापस स्वीकार किया जाता है। अगर वह नहीं है तो यह साबित हो जाएगा कि वह एक बुरा नर हाथी है।” भारत में अनुमानित 30,000 जंगली एशियाई हाथी हैं – कुल जंगली आबादी का लगभग 60 प्रतिशत है। हाल के वर्षों में जैसे-जैसे मनुष्य वन क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा हाथियों के मारे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं।

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