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नक्सलगढ़ में पहली बार 3 MI-17 हेलिकॉप्टरों से हवाई हमले का अभ्यास

d1_1445467930दस्तक टाइम्स/एजेंसी-छत्तीसगढ़ : रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में वायुसेना ने बड़ा कदम उठाते हुए बीजापुर में हवाई हमले का अभ्यास कर डाला है। वायुसेना के तीन एमआई-17 युद्धक हेलिकाप्टरों ने 13 अक्टूबर को बीजापुर के नजदीक एक सुरक्षित जगह पर यह अभ्यास किया है। इस अभ्यास के जरिए सरकार ने बस्तर में आने वाली रणनीति के संकेत भी दे दिए हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के आला अफसरों ने वायुसेना के अभ्यास के एक हफ्ते बाद इसकी पुष्टि कर दी है। युद्धक हेलिकॉप्टरों पर एयरपोर्ट के गरुड़ कमांडो ने हिस्सा लिया था। एक आला पुलिस अफसर के मुताबिक वायुसेना का अभ्यास रक्षात्मक रणनीति का हिस्सा है।
 
नक्सली लंबे समय से बस्तर में हेलिकाप्टरों और विमानों पर उस वक्त हमले करते रहे हैं, जब लैंड करने के लिए ये कम ऊंचाई पर होते हैं, या पहाड़ों के आसपास से गुजरते हैं। अब ऐसे किसी भी हमले पर तुरंत जवाबी कार्रवाई कर दी जाएगी। छत्तीसगढ़ में फिलहाल चार हेलिकाप्टर नक्सल आपरेशन में लगाए गए हैं। ये सभी युद्धक क्षमता से लैस हैं। इन्हीं में से तीन हेलिकाप्टरों से अभ्यास किया गया। अभ्यास के दौरान हवा से जमीन पर मौजूद टारगेट को भी निशाना बनाया गया। सूत्रों के अनुसार वायुसेना के इस अभ्यास के दौरान नक्सल आपरेशंस और जिला पुलिस के जवान भी मौजूद थे।
 
बचाव, राहत में इस्तेमाल
 
– नक्सली मुठभेड़ में घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाने में इनका उपयोग हो रहा है। घायलों को पुलिस और सीआरपीएफ कैंप से जगदलपुर या रायपुर इन्हीं से ले जाया जाता है।
– धुर नक्सल इलाकों के कैंप में राशन इन्हीं हेलीकाप्टरों से पहुंचाया जा रहा है। बस्तर में चुनाव के दौरान तथा अन्य इमरजेंसी में भी हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा जा रहा है।
 
रणनीतिक मोर्चे पर नया दांव
 
नक्सल ऑपरेशंस को लेकर पिछले 15 दिन में छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक रणनीतिक तौर पर गतिविधियां तेज हैं। देश के सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और डीजी सीआरपीएफ के विजय कुमार हाल में रायपुर से बस्तर तक फोर्स की बैठकें ले चुके हैं। उनकी वापसी के तुरंत बाद वायुसेना ने अभ्यास किया है। इधर, मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने मंगलवार को नक्सलियों को बातचीत का न्योता भी दे दिया है। माना जा रहा है कि राज्य और केंद्र सरकार किसी बड़ी कार्रवाई से पहले नक्सलियों काे बातचीत का एक मौका देने के पक्ष में हैं। संभव है कि इसके नतीजों के बाद आगे की रणनीति तय कर ली जाए।
 
नक्सली करते रहे हैं हेलिकॉप्टरों पर हमले
 
 
वर्ष 2008 : बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र में चुनाव के दौरान पोलिंग पार्टी को लेने पहुंचे हेलिकॉप्टर पर घात लगाकर हमला किया गया था। फायरिंग में हेलिकॉप्टर में फ्लाइट इंजीनियर की मौत हो गई थी।
वर्ष 2013 : बीजापुर के तिमिवाड़ा कैंप में घायल जवान को लेने गए हेलिकॉप्टर पर गोलीबारी गई है। हेलिकॉप्टर नीचे उतर रहा था। ऊंचाई कम होने के बाद झाड़ियों ने छिपे नक्सलियों ने फायरिंग की थी।
वर्ष 2014 : चिंतागुफा कैंप जा रहे सीआरपीएफ के आईजी पर हेलिकॉप्टर पर हमला हुआ था। उन्हें लेकर कैंप पहुंचा हेलिकॉप्टर जब उतर रहा था, तब करीब की पहाड़ियों से नक्सलियों ने गोलीबारी की थी।
वर्ष 2014 : चिंतागुफा के कसालपड़ा कैंप में घायल जवान को लेने पहुंचे हेलिकॉप्टर पर भी नक्सलियों की टुकड़ी ने गोलीबारी कर उसे उड़ाने का प्रयास किया था। हमले में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था।
 
अब जवाब देंगे- एडीजी
 
छत्तीसगढ़ के एडीजी नक्सल ऑपरेशन आरके विज का कहना है कि अब हेलिकॉप्टर पर फायरिंग होने पर नक्सलियों को वहीं से जवाब दिया जाएगा। इसका अभ्यास हो गया है। इसे जवाबी कार्रवाई के तौर पर लिया जाएगा।
 
सेना से मांगे हेलिकॉप्टर
नक्सल आपरेशंस में लगी फोर्स ने वायुसेना से नए एमआई-17 हेलिकाप्टर मांगे हैं। इसे नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज करने के संकेत माना जा रहा है। अभी 4 हेलिकॉप्टर के साथ वायुसेना के गरुड़ कमांडो भी तैनात हैं।

 

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