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मै स्वर्ण पदक लाना चाहती हूं : लावलीना

टोक्यो: भारत की महिला मुक्केबाज लवलीना बोगोर्हेन जिन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई है, उनका कहना है कि वह देश के लिए स्वर्ण पदक लाना चाहती हैं। लवलीना ने ताइवान की नेन चिन चेन को 4-1 से हराकर टोक्यो ओलंपिक के 69 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ ही देश के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। लवलीना ने मुकाबले के बाद वर्चुअल प्रेस वार्ता में, मैं कांस्य पदक पर रूकना नहीं चाहती हूं। मैं देश के लिए स्वर्ण पदक लाना चाहती हूं। पदक एक ही होता है, वो है स्वर्ण। इसके लिए मुझे सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर तैयारी करनी होगी।

लवलीना ने अपने अगले मैच को लेकर कहा, मैंने फिलहाल कोई रणनीति नहीं बनाई है। मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी के कुछ वीडियो देखे हैं लेकिन मुझे उनके मुकाबले देखकर ही कुछ रणनीति तैयार करनी होगी। चिन चेन के खिलाफ मुकाबले को लेकर उन्होंने कहा, मेरे लिए चुनौती थी कि मैं खुद को कैसे साबित करूं। मैंने यह नहीं सोचा था कि मुझे दूसरे को साबित करना है लेकिन मैं खुद को साबित करके दिखाना चाहती थी कि यही मौका है। मैंने इस मैच के लिए कुछ रणनीति नहीं बनाई थी। मुझे बहुत अच्छा लगा और खेल कर काफी मजा आया।

लवलीना ने कहा, मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक लाना ही है और मैं उसके लिए तैयारी करूंगी। लेकिन उससे पहले मुझे सेमीफाइनल की बाधा करनी होगी। उन्होंने कहा, मैं पहले निडर नहीं थी और शुरूआत में काफी डरती थी। लेकिन जब से मैंने खुद के ऊपर विश्वास करना शुरू किया और यह सोचना बंद कर दिया लोग मेरे बारे में क्या कहेंगे, तभी से मैं निडर हो गई।

लवलीना ने कहा, कोरोना के कारण मेरे कुछ टूनार्मेंट मिस हुए और इस कारण प्रतियोगिताएं भी कम हो रही थी। मुझे कोरोना हुआ था जिस वजह से मैंने एक टूनार्मेंट मिस कर दिया। मैंने उस वक्त सोचा कि अगर फाइट नहीं हो रही है तो मैं कैसे तैयारी करूं। लेकिन मेरे कोच और सभी के समर्थन के कारण सबकुछ सही तरह हो सका। उन्होंने कहा कि वह मोहम्मद अली की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं और उनके कुछ ट्रिक्स को फोलो करती हैं। लवलीना ने साथ ही कहा कि छह बार की विश्व चैंपियन और 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं एमसी मैरीकोम उनकी प्रेरणास्रोत्र हैं।

लवलीना का सेमीफाइनल में सामना चार अगस्त को तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली से होगा।

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