अद्धयात्म

वर्षा ऋतु में कठिन समय भी ही जायेगा ठीक, बस करें ये उपाय

21 जून गुरुवार को सूर्य सायन जल राशि कर्क में जाएंगे और वर्षा ऋतु का प्रारम्भ होगा. 22 जून शुक्रवार को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस समय वर्षा और आंधी तूफ़ान आने की आशंका जताई जा रही है.

इस बार विशुल वर्षा यानी कहीं ज्यादा तो कहीं कम हो सकती है. साथ ही वर्षा का कुछ दुष्प्रभाव सेहत और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है. इसके अलावा बिगड़ी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. क़र्ज़ कम होंगे, धन में लाभ होगा.

22 जून को सुबह 11. 11 बजे सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में आएगा. इस समय सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेगा. इस समय मंगल का चित्रा नक्षत्र होगा.

शुक्र मेघेश को बादलों का स्वामी माना जाता है और चन्द्रमा कन्या राशि में होंगे. सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र में है. ग्रह नक्षत्रो का संयोग बता रहा है. कहीं बहुत वर्षा हो सकती है जिसके कारण बाढ़ आने की भी आशंका है.

ज्यादा वर्षा पंजाब ,हरियाणा हिमाचल दिल्ली राजस्थान और जम्मू में हो सकती है. कभी मौसम वर्षा से बहुत ठंडा होगा तो कभी अचानक सूर्य की गर्मी बढ़ जायेगी.

ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. अगर सावधानी न बरती गई तो इससे वायरल बुखार ,जुकाम ,फ्लू ,फ़ूड इन्फेक्शन ,वाटर इन्फेक्शन हो सकता है. इसके अलावा बदहजमी ,फोड़े फुंसी भी हो सकते हैं. खासकर बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है.

वर्षा ऋतु में क्या उपाय करें

-एक ताम्बे के बर्तन में गुड़ चावल रखकर दान करें.

-तुलसी शहद का सेवन करें.

– बाज़ार का पानी या खाना ना खाएं.

-पसीना बहुत आए है या प्यास लगे तो नॉर्मल पानी ज्यादा पीएं.

-ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें.

कहीं कहीं सूखा पड़ेगा

माना जा रहा है कि सम्वत 2075 के राजा सूर्य और मंत्री आमने सामने लड़ेंगे. मिथुन में सूर्य और धनु में शनि का समसप्तक योग है. यह योग 16 जुलाई तक रहेगा. सूखे और अकाल की स्थिति बिहार ,उड़ीसा बंगाल ,उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश गुजरात महाराष्ट्र उड़ीसा आदि जगहों में हो सकती है. प्राकृतिक विपदा अकाल और भूकंप की घटना भी हो सकती है.

उपाय

-मेघेश शुक्र है, शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की व्रत पूजा करें.

-शुक्र का चावल या दूध महिला को दान करें.

-शनिवार को काली उड़द दान करें.

– शुक्रवार और शनि वार को पानी की वर्षा के लिए हवन करें.

-रविवार को नमक दान करें.

-सोमवार को शिव जी को खूब जल से अभिशेख करें.

खाने पीने का ख़ास ख्याल रखें

-नमक डालकर गर्म पानी से गरारे करें.

-खाने पीने का ध्यान रखें और बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ाएं.

-विटामिन सी रोग से लड़ने की ताकत देता है इसलिए खट्टे फल जैसे निम्बू ,आवंला ,मौसमी का सेवन करें.

-वर्षा में भीग जाएँ तो हल्दी वाला दूध पीयें.

-गर्म टमाटर के सूप में निम्बू का रस डालकर पीयें.

वर्षा के पानी में भीगने से बचाव करें

बच्चे स्कूल या कॉलेज जाते-आते समय वर्षा में भीग जाते हैं. कई बच्चे वर्षा के पानी में खेलने लगते हैं. भीगने के कारण आप या बच्चे बीमार पड़ सकते हैं. ऐसे में ये उपाय करें.

-नीम के पत्ते मंगल के होते हैं. मंगल शरीर को किसी भी इन्फेक्शन से बचाता है. इसलिए नीम के पत्ते उबालकर उस पानी से नहाएं.

-नीम के पत्ते को सब्जी में डालकर खाएं.

आर्थिक स्थिति में सुधार होगा

वर्षा ऋतू में धन की कमी दूर हो सकती है. वर्षा ऋतू गुरुवार को शुरू हो रही है. शुक्रवार को सूर्य का आर्द्रा प्रवेश हो रहा है. गुरु भी शुक्र की तुला राशि में है. मंगल का चित्रा नक्षत्र है. इससे नौकरी में प्रोमोशन हो सकता है. सैलरी बढ़ सकती है. व्यापार में मुनाफ़ा बढ़ सकता है.

उपाय

-दही की लस्सी या दूध की शर्बत लोगों को पिलायें.

-गुलाबी और पीले वस्त्र ज्यादा पहनें.

-हल्दी चंदन या केसर का तिलक लगाएं.

-शनिवार के दिन काले चने दान करें.

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