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इटावा : सड़क दुर्घटना में हुई 6 किसानों की मौत

इटावा: इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आने से पिकअप वाहन पर सवार छह सब्जी विक्रेताओं की मृत्यु हो गयी जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पक्के बाग के पास मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि के करीब यह हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर तोड़ते हुये सड़क के दूसरी ओर आ गया और विपरीत दिशा से जा रहे कटहल लदे पिकअप वाहन पर पलट गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुमार ने बुधवार को बताया कि बकेवर से पिकअप में कटहल लेकर इटावा मंडी में बेचने जा रहे किसानों को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में छह किसानों की मौके पर ही मौत हो गयी । एक गंभीर रूप से घायल है। घायल को इलाज के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक ओर मालिक को हिरासत में लेकर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। उन्होने बताया कि फ़्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाइवे पर उल्टी दिशा में आ रहे ट्रक ने अनियंत्रित होकर पिकअप में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक पिकअप पर पलट गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन के द्वारा गाड़ियों को हटवाया। सभी मृतक बकेवर कस्बे से निवासी रहे है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रदान किये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने इस हादसे में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।

इस घटना को लेकर पुलिस का रवैया लापरवाही भरा रहा। हादसे के बाद हाईवे के किनारे भरे हुए पानी में जा गिरे किसानों को निकालने में करीब चार घंटे से अधिक का समय लगा। मृतक के परिजनो का आरोप है कि वे किसानों को खोजते रहे जबकि पूछने पर पुलिस इंकार ही करती रही और बोली कि यहां नहीं होंगे कहीं चले गए होंगे ।

एक मृत किसान के परिजन ने बताया कि रात को 10 बजे के आसपास बकेवर से वह अस्पताल आ गया। उसके बाद अन्य लोगों की खोजबीन के लिए मौके पर पहुंचा तो पुलिस ने उसे खोज भी नहीं करने दी लेकिन वह नहीं माना अपनी जीत के बाद उसने जब खोजबीन की तो पानी से शवों को निकाला गया तब पुलिस के बड़े अफसर मौके पर पहुंचे।

समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष गोपाल यादव , पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया और उत्तर प्रदेश किसान सभा के महामंत्री मुकुट सिंह भी इस हादसे के बाद जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों को सांत्वना दी। मुकुट सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि बेशक किसानों की जान चली जाती लेकिन पुलिस ने जिस ढंग की लापरवाही बरती है वह निश्चित है निंदनीय है जब हादसे की सूचना मिली थी तो पुलिस को मौके पर सर्च ऑपरेशन समय रहते चलाना चाहिए था जिससे पानी में डूबे हुए किसानों की जान बच सकती थी लेकिन पुलिस ने समय रहते ऐसा नहीं किया।

मृतकों के परिजन लगातार इस बात को बोलते रहे थे कि पिकअप वाहन में कई और भी लोग थे तो फिर उनकी बात को समय रहते क्यों नहीं सुना गया। नजरअंदाज करने के पीछे पुलिस के अफसरों और कर्मियों की क्या मंशा रही होगी यह तो वह पुलिसकर्मी और अधिकारी बता सकते हैं।

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