उत्तर प्रदेशराज्यवाराणसी

काशी के स्वाभिमान की आवाज़ बने अजीत सिंह बग्गा

भारतीय जन क्रांति परिषद (आस्था) ने वाराणसी व्यापार मंडल अध्यक्ष को सौंपी राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी, व्यापारियों व सामाजिक संगठनों में हर्ष की लहर

सुरेश गांधी

वाराणसी : धर्म, संस्कृति और व्यापारिक परंपराओं की समृद्ध विरासत को संजोए काशी की धरती से एक और महत्वपूर्ण सामाजिक-संगठनात्मक संदेश सामने आया है। भारतीय जन क्रांति परिषद (आस्था) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया महराज द्वारा वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा को राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में मनोनीत किए जाने की घोषणा ने व्यापारिक और सामाजिक जगत में नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। इस निर्णय को काशी के व्यापारिक समुदाय के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने सकारात्मक और दूरगामी महत्व का बताया है।

अजीत सिंह बग्गा काशी के उन प्रतिष्ठित नागरिकों में शामिल हैं, जिन्होंने व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी समान प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में वाराणसी व्यापार मंडल ने कई अवसरों पर व्यापारियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया और समाधान के लिए प्रशासन व सरकार के साथ संवाद कायम किया। उनका व्यक्तित्व संघर्षशील, जुझारू और संगठनात्मक कौशल से परिपूर्ण माना जाता रहा है। यही कारण है कि व्यापारिक समाज में उनकी मजबूत पकड़ और विश्वसनीयता स्थापित है।

भारतीय जन क्रांति परिषद (आस्था) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया महराज ने इस मनोनयन के माध्यम से संगठन की विचारधारा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी बग्गा को सौंपी है। संगठन का मानना है कि बग्गा के अनुभव, स्पष्ट वक्तृत्व शैली और जनसंपर्क कौशल से परिषद की नीतियों व उद्देश्यों को व्यापक समाज तक पहुंचाने में नई गति मिलेगी। यह नियुक्ति पत्र राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष त्रिपाठी द्वारा अध्यक्ष के निर्देश पर जारी किया गया। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि परिषद देश में सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में अजीत सिंह बग्गा जैसे अनुभवी और सक्रिय व्यक्तित्व का राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में चयन संगठन की रणनीतिक मजबूती को दर्शाता है।

काशी के व्यापारिक समुदाय में इस घोषणा के बाद खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। व्यापारियों ने इसे काशी के सम्मान और प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा है। उनका मानना है कि बग्गा की सक्रियता और नेतृत्व क्षमता न केवल व्यापारिक हितों को मजबूती देगी बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी काशी की आवाज को बुलंद करेगी। सामाजिक दृष्टि से यह मनोनयन काशी के उस परंपरागत मूल भाव को भी रेखांकित करता है, जहां व्यापार केवल आर्थिक गतिविधि नहीं बल्कि समाज सेवा का माध्यम भी माना जाता है। अजीत सिंह बग्गा की पहचान एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में रही है, जो व्यापारिक दायित्वों के साथ सामाजिक उत्तरदायित्वों को भी गंभीरता से निभाते आए हैं।

भारतीय जन क्रांति परिषद (आस्था) द्वारा लिया गया यह निर्णय संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक सहभागिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। काशी जैसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगर से जुड़े व्यक्तित्व को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी सौंपना संगठन की दूरदर्शिता और सामाजिक समावेशिता का संकेत भी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अजीत सिंह बग्गा राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में संगठन की विचारधारा, सामाजिक प्रतिबद्धता और जनहित के मुद्दों को किस प्रकार राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हैं। फिलहाल, काशी के व्यापारिक और सामाजिक समाज में इस निर्णय को सम्मान और विश्वास की नई पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

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