UP Polytechnic Counselling 2026: कल से शुरू होगा तीसरा चरण, सरकारी-प्राइवेट संस्थानों की फीस भी तय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पॉलिटेक्निक काउंसलिंग का तीसरा चरण गुरुवार से शुरू होगा। राजधानी समेत प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त, पीपीपी मॉडल और निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए यह प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (जेईईसीयूपी) ने इसके साथ ही विभिन्न संस्थानों की वार्षिक फीस भी निर्धारित कर दी है।
सरकारी और निजी संस्थानों की तय हुई वार्षिक फीस
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह के अनुसार, राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रथम वर्ष की वार्षिक फीस 12 हजार रुपये निर्धारित की गई है। वहीं निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रथम वर्ष के लिए 30 हजार रुपये वार्षिक शुल्क तय किया गया है।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई संस्थान निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूलता है तो विद्यार्थी इसकी शिकायत सीधे परिषद से कर सकते हैं।
ज्यादा फीस वसूली पर होगी सख्त कार्रवाई
जेईईसीयूपी ने कहा है कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिषद ने सभी संस्थानों को निर्धारित शुल्क का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पूरी की प्रवेश प्रक्रिया
बुधवार को दूसरे चरण की सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। अब तक 48 हजार से अधिक अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित शुल्क जमा कर चुके हैं। तीसरे चरण की काउंसिलिंग में बची हुई रिक्त सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।
प्रदेशभर के 365 संस्थानों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया
प्रदेश में इस समय 156 राजकीय, 18 अनुदानित, 29 पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल और 162 निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है। तीसरे चरण की काउंसिलिंग से जुड़ी विस्तृत जानकारी, विकल्प भरने, सीट आवंटन और प्रवेश कार्यक्रम परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
24 जुलाई से शुरू होगी फार्मेसी काउंसिलिंग
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने बताया कि फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया 24 जुलाई से शुरू की जाएगी।


