
नई दिल्ली: सावन के पावन महीने से पहले देवगुरु बृहस्पति एक महत्वपूर्ण नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, गुरु बृहस्पति ने 18 जून को पुष्य नक्षत्र में प्रवेश किया था और 18 अगस्त तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को वह बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में गोचर करेंगे।
ज्योतिष शास्त्र में गुरु बृहस्पति के नक्षत्र परिवर्तन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन पांच राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ रहने की संभावना है। इन जातकों को करियर, कारोबार, धन लाभ और सामाजिक सम्मान के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह अवधि शुभ मानी जा रही है। लंबे समय से चली आ रही मानसिक परेशानियां और पारिवारिक तनाव कम हो सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होने के साथ विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने की संभावना है। अविवाहित लोगों के लिए अच्छे वैवाहिक प्रस्ताव भी आ सकते हैं।
धनु राशि
धनु राशि वालों को आर्थिक मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरी और व्यापार में नए अवसर प्राप्त होने की संभावना है। भूमि, भवन और अन्य संपत्तियों में निवेश के लिए भी समय अनुकूल माना गया है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों की आय में वृद्धि के नए अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन के कारण पदोन्नति और वेतन वृद्धि के योग बन सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग भी प्राप्त हो सकता है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन भाग्योदय का संकेत माना जा रहा है। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आ सकती है। धार्मिक या मांगलिक यात्रा के योग बन सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिलने की संभावना है।
मकर राशि
मकर राशि के व्यापारियों के लिए यह समय लाभदायक रह सकता है। साझेदारी के कारोबार में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। नए व्यावसायिक संपर्क बनेंगे और व्यापार में मुनाफा बढ़ सकता है। वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी तथा जीवनसाथी के साथ संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे। सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि होने के संकेत हैं।
गुरु बृहस्पति की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार प्रतिदिन स्नान के बाद माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाना शुभ माना जाता है। इससे गुरु ग्रह मजबूत होते हैं और मान-सम्मान में वृद्धि होने की मान्यता है।
गुरुवार के दिन या नियमित रूप से विष्णु सहस्रनाम का पाठ अथवा श्रवण करना भी लाभकारी माना गया है। मान्यता है कि इससे आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और समृद्धि के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
इसके अलावा गुरुवार को चने की दाल, केले, पीले वस्त्र या साबुत हल्दी का दान करना भी शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इससे सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।



