अपराधउत्तर प्रदेशमेरठराज्य

ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत मेरठ रेंज में 435 शिकायतों का निस्तारण, 77 एफआईआर और 65 गिरफ्तारी

ऑपरेशन Cy-Vajra'(साइ-वज्र) के तहत रेंज के जिलोंं में जगह-जगह छापामारी की कार्रवाई की जा रही

Meerut News: ऑपरेशन Cy-Vajra'(साइ-वज्र) के क्रम में आज मेरठ रेंज डीआईजी कलानिधि नैथानी ने भारत सरकार संचार मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें संचार मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे। जिनमें वरिष्ठ अधिकारी आदित्य सिंह, भारतीय दूरसंचार सेवा एवं डीओटी के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल थे। इसमें पुलिस एवं टेलीकाम के समन्वय के बारे में चर्चा की गई। साथ ही विशेष इनपुट को आपस में साझा किया गया।
रेंज के जिलोंं में जगह-जगह छापामारी
बता दें ऑपरेशन Cy-Vajra'(साइ-वज्र) के तहत रेंज के जिलोंं में जगह-जगह छापामारी की कार्रवाई की जा रही है। डीआईजी ने सचेत किया है कि यदि कोई फर्जी कॉल सेन्टर आदि चला रहा है तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं जो पूर्व में साइबर अपराधी रहे हैं। उनके विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए और हाल फिलहाल में जैसे कि साइबर अपराधी की गैंगस्टर में संपत्ति निरुद्ध/ कुर्क की गई थी, उसी तरह से संपत्तियां कुर्क करने के भी निर्देश दे दिए गए हैं।
टेलीकॉम ​विभाग के ऐप दे रहे अच्छा परिणाम
टेलीकॉम ​विभाग के ऐप जैसे संचार सार्थी, सीईआईआर, समन्वय पोर्टल, प्रतिबिम्ब पोर्टल आदि अच्छा परिणाम दे रहे हैं। और अच्छा रिजल्ट लाने के लिए अधीनस्थों को निर्देश दिए गए। इसी के साथ सभी जनपदों को डीओटी से आने वाले प्रत्येक पत्र की अलग से पत्रावली बनाने एवं उस पर समय से कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया गया है।
वर्तमान में कृत कार्रवाई के क्रम में आंकड़े निम्न अनुसार हैं
ऑपरेशन Cy-Vajra'(साइ-वज्र) के अन्तर्गत 5 दिवस में चैक विड्रॉल, एटीएम कैश आउट, म्यूल अकाउन्ट, संदिग्ध मोबाइल, सिम बॉक्स के मामलों में मेरठ रेंज में 435 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। जिनमें 77 एफआईआर दर्ज कर 65 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसी क्रम में बड़ी कार्यवाही करते हुए गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत साइबर अपराधी की 3 करोड़ की सम्पत्ति कुर्क/ जब्त की गई है। साइबर ठगी की धनराशि बैंक खाते में प्राप्त कर चेक के माध्यम से निकालने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 5 लाख रूपये की बरामदगी की गई।
➡️ जनपद मेरठ में 75 मामलों के निस्तारण किए गए। ​जिनमें 26 एफआईआर, 36 गिरफ्तारी की गई हैं।
➡️ जनपद बुलन्दशहर में 298 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 47 एफआईआर और 19 गिरफ्तारी की गई।
➡️ जनपद बागपत में 24 मामलों का निस्तारण किया। ​जिसमें 2 एफआईआर और 9 गिरफ्तारी की गई।
➡️ हापुड जनपद में 38 मामलों का निस्तारण कर 2 में एफआईआर दर्ज की और एक गिरफ्तारी की है।
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (डीओटी) द्वारा साइबर क्राइम और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई बड़े और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
सुरक्षित मोबाइल नंबर वैलिडेशन प्लेटफार्म की शुरूआत
टैलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (संशोधन) नियम, 2025 इसके तहत वित्तीय और डिजिटल सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों की सत्यता जांचने के लिए एक विकेंद्रीकृत और सुरक्षित मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। सोशल मीडिया, फिनटेक और ई-कॉमर्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को इसके दायरे में लाकर संदिग्ध पाए जाने पर बिना पूर्व सूचना के उनके टेलीकॉम आइडेंटिफायर्स को तुरंत सस्पेंड करने का अधिकार दिया गया है।
आने नाम पर चल रहे कनेक्शनों की जांच कर सकते हैं
डिजिटल प्लेटफॉर्म और टूल्स संचार साथी पोर्टल व ऐप के माध्यम से आम नागरिक अपने नाम पर चल रहे कनेक्शनों की जांच कर सकते हैं और चोरी या खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक कर सकते हैं। अब तक करोड़ों संदिग्ध नंबर बंद किए जा चुके हैं। चक्षु फैसिलिटी के जरिए लोग बैंक केवाईसी फ्रॉड, सरकारी अधिकारी बनकर ठगने (इम्पर्सनेशन), सेक्सटॉर्शन या फर्जी लॉटरी जैसे संदिग्ध कॉल्स, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों की तुरंत रिपोर्ट कर सकते हैं।
डिवाइस स्क्रबिंग और डार्क मार्केट पर रोक
रीसेल डिवाइस स्क्रबिंग के माध्यम से सेकंड हैंड मोबाइल बाजार में चोरी या क्लोन किए गए फोन की रीसेल रोकने के लिए, डीलरों को अब डिवाइस को रीसेल करने से पहले उसके आईएमईआई नंबर को ब्लैकलिस्टेड डेटाबेस से मैच और क्लीन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

Related Articles

Back to top button