
नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। लिवर शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है, जो खून को फिल्टर करने, ऊर्जा संग्रहित करने और भोजन के पाचन में अहम भूमिका निभाता है। जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है, तो फैटी लिवर की स्थिति बन जाती है। समय पर ध्यान न देने पर यह समस्या लिवर में सूजन, सिरोसिस, हेपेटाइटिस और गंभीर मामलों में लिवर कैंसर जैसी बीमारियों का कारण भी बन सकती है।
घरेलू उपायों और संतुलित खानपान के जरिए शुरुआती स्तर पर फैटी लिवर की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में दो खास जूस लाभदायक माने जाते हैं।
लौकी का जूस हो सकता है फायदेमंद
फैटी लिवर की समस्या में लौकी का जूस एक उपयोगी घरेलू विकल्प माना जाता है। इसे बनाने के लिए लौकी, हरा धनिया, हल्दी, नींबू, गिलोय का रस और काला नमक का इस्तेमाल किया जाता है।
सबसे पहले लौकी को छीलकर हरे धनिये के साथ पीस लें। इसके बाद इसमें एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच काला नमक, एक नींबू का रस और लगभग 30 मिलीलीटर गिलोय का रस मिलाएं। नियमित रूप से इस जूस का सेवन करने के साथ कम से कम सात दिनों तक जंक फूड से दूरी बनाए रखें और सलाद को भोजन में शामिल करें। माना जाता है कि यह मिश्रण लिवर को डिटॉक्स करने और अतिरिक्त विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक हो सकता है।
आंवला और गाजर का जूस भी लाभकारी
फैटी लिवर से राहत पाने के लिए आंवला, गाजर और सेंधा नमक से तैयार जूस भी उपयोगी माना जाता है। गाजर और आंवले का ताजा जूस निकालकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाएं।
इस जूस में मौजूद पोषक तत्व लिवर की सूजन कम करने और उसकी कार्यक्षमता बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं। नियमित सेवन के साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
फैटी लिवर में रखें इन बातों का ध्यान
फैटी लिवर की समस्या होने पर तला-भुना और अत्यधिक वसा युक्त भोजन कम करें। नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त पानी पिएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किसी भी घरेलू उपाय या जूस का सेवन करें। यदि लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक बने रहें, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।



