कर्मयोगी साधना सप्ताह में पीएम का संदेश, कर्तव्य और टेक्नोलॉजी पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘कर्मयोगी साधना सप्ताह’ के दौरान अपने संबोधन में पब्लिक सर्विस को समय के अनुरूप अपडेट करने और नागरिक केंद्रित गवर्नेंस को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में तेजी से बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को भी निरंतर विकसित करना जरूरी है।
‘नागरिक देवो भव:’ को बताया मूल मंत्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान गवर्नेंस का मूल मंत्र ‘नागरिक देवो भव:’ है। इसी भावना के साथ पब्लिक सर्विस को अधिक सक्षम और संवेदनशील बनाया जा रहा है, ताकि नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।
कैपेसिटी बिल्डिंग पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय तक अलग-अलग संस्थाएं काम करती रहीं, लेकिन एक ऐसी संस्था की जरूरत थी जो सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर फोकस करे। इसी सोच से कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन का गठन हुआ। उन्होंने iGOT मिशन कर्मयोगी की भूमिका को भी अहम बताया।
विकसित भारत के लक्ष्य की चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए तेज आर्थिक विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स जरूरी है। इसमें पब्लिक सर्वेंट्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
कर्तव्य भावना को बताया अहम
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधार का मतलब केवल व्यवस्था बदलना नहीं, बल्कि पब्लिक सर्वेंट्स के व्यवहार में बदलाव भी है। पद से ज्यादा कर्तव्य को महत्व देना चाहिए, क्योंकि यही बेहतर निर्णय और प्रभाव सुनिश्चित करता है।
टेक्नोलॉजी और AI के महत्व पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के दौर में टेक्नोलॉजी और डेटा की समझ हर पब्लिक सर्वेंट के लिए जरूरी हो गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
सहकारी संघवाद और समन्वय की जरूरत
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति राज्यों की सामूहिक प्रगति पर निर्भर करती है। ‘अगड़े-पिछड़े’ जैसे वर्गीकरण को खत्म कर सभी राज्यों को समान गति से आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए ‘whole of government approach’ अपनाना जरूरी है।
लोकतंत्र में भरोसा बनाए रखने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि आम नागरिक के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय ही सरकार का चेहरा होता है। इसलिए अधिकारियों का व्यवहार और कार्यशैली ही जनता का भरोसा तय करती है, जिसे बनाए रखना बेहद जरूरी है।



