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शिमला के राम मंदिर में ‘निकाह’ को लेकर विवाद, हिंदू संगठनों का विरोध; सूद सभा की आपात बैठक आज

शिमला : शिमला में राम मंदिर परिसर में प्रस्तावित एक निकाह समारोह को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों ने मंदिर के हॉल में मुस्लिम परिवार के विवाह समारोह की बुकिंग पर आपत्ति जताते हुए विरोध की चेतावनी दी है। यह मामला पहले से चर्चा में रहे संजौली मस्जिद विवाद के बाद सामने आया है, जिससे शहर में धार्मिक बहस तेज हो गई है।

राम बाजार स्थित मंदिर के हॉल में 11 अप्रैल को प्रस्तावित निकाह की जानकारी सामने आने के बाद हिंदू संघर्ष समिति ने विरोध दर्ज कराया। समिति का कहना है कि मंदिर परिसर में इस तरह का आयोजन धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। संगठन ने मंदिर प्रबंधन से कार्यक्रम रद्द करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

मंदिर परिसर का संचालन करने वाली सूद सभा के अध्यक्ष राजीव सूद ने बताया कि इस मुद्दे पर मंगलवार को आपात बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय लिया जाएगा। उनके अनुसार पिछले पांच वर्षों में 15 से अधिक मुस्लिम परिवारों के निकाह इसी हॉल में हो चुके हैं और परिसर में मांस, मछली व मदिरा पर पहले से प्रतिबंध है। अक्टूबर 2024 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंदिर परिसर में साईं बाबा की मूर्ति पर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। इसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा।

राम बाजार में स्थित यह मंदिर शिमला का प्रमुख धार्मिक और सामाजिक स्थल माना जाता है। मंदिर की बहुमंजिला इमारत के ऊपरी तल पर भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियां स्थापित हैं, जबकि नीचे बने बड़े हॉल में वर्षों से सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। अब सबकी नजर सूद सभा की बैठक पर है, जिसमें तय होगा कि प्रस्तावित निकाह समारोह को अनुमति दी जाएगी या नहीं।

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