दिल्ली

दिल्ली सरकार की नई छात्रवृत्ति योजना लॉन्च: मेधावी छात्रों को मिलेगी आर्थिक सहायता, 30 जून 2026 तक कर सकते हैं आवेदन

नई दिल्ली में शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को सहारा देने के लिए दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों हेतु विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की घोषणा की गई है, जिसके तहत योग्य छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को मिलेगा लाभ
इस योजना का उद्देश्य मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन समुदायों के उन प्रतिभाशाली छात्रों को मदद देना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से छात्रों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगी और वे बेहतर शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठा पाएंगे।

तीन प्रमुख श्रेणियों में मिलेगी सहायता
सरकारी योजना के तहत छात्रों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में लाभ दिया जाएगा। इसमें कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए मेरिट स्कॉलरशिप और विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले छात्रों के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेट अवार्ड शामिल हैं।

मेरिट और तकनीकी छात्रों को विशेष स्कॉलरशिप
प्रोफेशनल और तकनीकी कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे छात्रों को विशेष मेरिट आधारित छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनकी आर्थिक बाधाएं कम हो सकें।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, 30 जून 2026 अंतिम तिथि
इच्छुक और पात्र छात्र इस योजना के लिए दिल्ली सरकार के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

केवल दिल्ली के निवासी छात्र होंगे पात्र
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन योजनाओं का लाभ केवल दिल्ली के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा। पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और विस्तृत जानकारी के लिए छात्र राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का सहारा ले सकते हैं।

शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
यह योजना राजधानी में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने और मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।


Related Articles

Back to top button