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सूर्य-गुरु का ‘लाभ दृष्टि योग’ बना रहा चुनौती! 11 मई से इन राशियों पर बढ़ सकता है संकट

उज्जैन : ज्योतिषीय गणना के मुताबिक 11 मई 2026 को सूर्य और देवगुरु बृहस्पति के बीच विशेष स्थिति बनने जा रही है। दोनों ग्रह एक-दूसरे से करीब 60 डिग्री की दूरी पर रहेंगे, जिससे ‘लाभ दृष्टि योग’ का निर्माण होगा। आमतौर पर इस योग को शुभ माना जाता है, लेकिन हर राशि पर इसका प्रभाव समान नहीं होता। कुछ राशियों के लिए यह योग परेशानी और नुकसान के संकेत भी दे रहा है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और उनकी आपसी दृष्टि जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करती है। 11 मई को सूर्य और गुरु के बीच बनने वाला यह 60 डिग्री का कोण ‘लाभ दृष्टि योग’ कहलाता है। सूर्य को आत्मविश्वास और सत्ता का प्रतीक माना जाता है, जबकि गुरु ज्ञान और विस्तार के कारक हैं। ऐसे में इनका मेल कई राशियों के लिए अवसर लेकर आएगा, लेकिन कुछ राशियों को सतर्क रहने की जरूरत है।

वृषभ राशि : वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग मिला-जुला असर देने वाला रहेगा। इस दौरान स्वभाव में गुस्सा और अहंकार बढ़ सकता है, जिससे कार्यस्थल पर अधिकारियों के साथ टकराव की स्थिति बन सकती है। आर्थिक मामलों में भी जोखिम लेने से बचना होगा। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

कन्या राशि : कन्या राशि वालों के लिए यह समय मानसिक दबाव और थकान बढ़ा सकता है। काम का बोझ अधिक रहेगा, जिससे सेहत पर असर पड़ सकता है। पारिवारिक मामलों में खासकर पिता के साथ मतभेद होने की आशंका है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए संयम और समझदारी जरूरी होगी।

मकर राशि : मकर राशि के जातकों के लिए यह समय भागदौड़ और मेहनत से भरा रहेगा, लेकिन परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं मिलेंगे। इससे निराशा बढ़ सकती है। सामाजिक छवि को लेकर भी सावधान रहना होगा, क्योंकि आपकी बातों को गलत तरीके से पेश किया जा सकता है। विवादों से दूरी बनाए रखना ही समझदारी होगी।

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