
नई दिल्ली। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहु ने 1 अगस्त 2026 को मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश किया है। राहु अप्रैल 2027 तक इसी नक्षत्र में रहने वाला है। धनिष्ठा नक्षत्र को ज्योतिष में धन, समृद्धि, संगीत और प्रसिद्धि से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में राहु का यह गोचर कुछ राशियों के लिए आर्थिक लाभ और करियर में नए अवसर लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक मेष, मकर और कुंभ राशि के जातकों को इसका विशेष लाभ मिल सकता है।
मेष राशि: अटके कामों में आएगी तेजी, धन लाभ के संकेत
मेष राशि के स्वामी मंगल हैं और राहु का मंगल के नक्षत्र में प्रवेश इस राशि के लिए अनुकूल माना जा रहा है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में साहस और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ सकती है। लंबे समय से अटकी योजनाओं को गति मिलने के साथ नया कारोबार शुरू करने के लिए भी समय बेहतर रह सकता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। कामकाज से जुड़े फैसलों में आत्मविश्वास बढ़ सकता है और नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिल सकता है।
मकर राशि: प्रमोशन से लेकर प्रॉपर्टी तक के योग
धनिष्ठा नक्षत्र का संबंध मकर और कुंभ राशि से माना जाता है। ऐसे में मकर राशि के जातकों के लिए राहु का यह गोचर करियर में नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं।
इस दौरान समाज और कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ सकता है। मकान, वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने की इच्छा पूरी होने की संभावना भी जताई जा रही है। निवेश के क्षेत्र में भी लाभ मिलने के योग बन सकते हैं।
कुंभ राशि: आय के नए रास्ते खुलने की संभावना
कुंभ राशि के जातकों के लिए अप्रैल 2027 तक का समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रह सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार आय के एक से अधिक स्रोत बनने के योग बन सकते हैं। विदेश से जुड़े कारोबार या विदेशी कंपनियों में काम करने वाले लोगों को लाभ मिलने की संभावना है।
इस अवधि में प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ सकता है। इन संपर्कों का फायदा करियर में मिल सकता है और काम से जुड़े नए अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के मौके भी बन सकते हैं।
राहु के शुभ प्रभाव के लिए किए जाते हैं ये उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहु के शुभ प्रभाव के लिए शनिवार को गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को सरसों का तेल या काले तिल का दान किया जा सकता है। भगवान काल भैरव या भगवान शिव की आराधना करने की भी सलाह दी जाती है।
इसके अलावा ‘ॐ रां राहवे नमः’ मंत्र का नियमित जाप करने की मान्यता है। हालांकि ज्योतिषीय उपाय आस्था और मान्यताओं पर आधारित होते हैं।



