
लुधियाना: पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं और 12वीं कक्षा के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल की है। राज्य के गैर-एसओई और पीएम श्री स्कूलों में पढ़ रहे विज्ञान के छात्रों को जेईई मेन्स और नीट की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों से विद्यार्थियों का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है।
इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें उच्च शिक्षा से जुड़ी प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
5 अक्टूबर तक देना होगा विद्यार्थियों का पूरा डाटा
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी शिक्षा) पंजाब के कार्यालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, स्कूल प्रमुखों और संबंधित शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्देशों के मुताबिक, 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की स्कूलवार और विद्यार्थीवार जानकारी निर्धारित गूगल शीट के माध्यम से 5 अक्टूबर तक उपलब्ध करानी होगी। स्कूलों में तैनात कंप्यूटर फैकल्टी शिक्षकों को तय समय सीमा के भीतर यह शीट भरना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले का डाटा तैयार करने के लिए दो शिक्षकों की जिम्मेदारी
पूरे जिले के विद्यार्थियों का डाटा एक जगह एकत्र करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से दो कंप्यूटर फैकल्टी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इन शिक्षकों का नाम और फोन नंबर सहित पूरा विवरण व्हाट्सऐप समूह के जरिए विभाग के मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
कंप्यूटर फैकल्टी शिक्षक जिला स्तर की गूगल शीट में विज्ञान वर्ग वाले स्कूलों और विद्यार्थियों के लिए पहले से कॉलम निर्धारित करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग स्कूलों का डाटा आपस में न मिले और प्रत्येक विद्यार्थी की जानकारी सही तरीके से दर्ज हो।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने डाटा जुटाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार, यदि काम में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति की निजी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इस पहल के जरिए पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को जेईई मेन्स और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।



