
‘अब गुजरात नहीं, नगीना मॉडल की होगी चर्चा’, 2027 से पहले चंद्रशेखर आजाद का बड़ा ऐलान; फ्री शिक्षा, मुफ्त बिजली और पुरानी पेंशन का वादा
बिजनौर : आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सत्ता परिवर्तन यात्रा के दौरान नगीना सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश देने का दावा किया। उन्होंने कहा कि नगीना लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक माहौल बदला है और जिस तरह कभी गुजरात मॉडल की चर्चा होती थी, उसी तरह अब नगीना मॉडल की चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नगीना मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा।
इंदिरा बाल भवन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि नगीना मॉडल सामाजिक न्याय, अधिकारों की लड़ाई और कमजोर वर्गों को सम्मान दिलाने का मॉडल है। उन्होंने दावा किया कि इस मॉडल को भविष्य में पूरे देश में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
2027 को लेकर बड़ा चुनावी दांव
जनसभा के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कई बड़े वादे भी किए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी को सत्ता में आने का अवसर मिला तो कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी तरह निशुल्क की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी। राजनीतिक जानकार इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों और आम जनता को साधने की बड़ी रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
केंद्र और प्रदेश सरकार पर साधा निशाना
चंद्रशेखर आजाद ने अपने संबोधन में केंद्र और प्रदेश सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को जनता के बीच जाकर अपनी बात रखने का अधिकार है। उनका आरोप था कि सत्ता परिवर्तन यात्रा को विफल करने की कोशिश की गई, लेकिन जनता के समर्थन ने यह साबित कर दिया कि लोग बदलाव चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि नगीना मॉडल उन लोगों की आवाज है जो अन्याय, भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष करना जानते हैं। ऐसे लोगों को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत करना ही पार्टी का उद्देश्य है।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकली सत्ता परिवर्तन यात्रा
जनसभा समाप्त होने के बाद सत्ता परिवर्तन यात्रा इंदिरा बाल भवन से शुरू हुई। यात्रा नुमाइश चौक, जजी चौक, शास्त्री चौक, शहर कोतवाली, दयानंद इंटर कॉलेज, रविदास मंदिर और रामलीला चौक समेत शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली।
यात्रा से पहले नेताओं को किया गया नजरबंद
सत्ता परिवर्तन यात्रा से पहले पुलिस प्रशासन ने सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया था। हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ धामपुर से बिजनौर पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभा का संचालन दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु वाल्मीकि ने किया। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़, भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन, महासचिव रविंद्र भाटी, मंडल प्रभारी चेयरमैन खुर्शीद मंसूरी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



