यूपी क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का क्षेत्रीय ज्ञान केंद्र बना मेरठ का सीसीएसयू
वेबसाइट लॉन्च करते हुए स्वच्छ वायु, पर्यावरण संरक्षण और हरित आर्थिक विकास के महत्व पर बल दिया।
Meerut CCSU News: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) को उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (यूपीकैम्प) के अंतर्गत क्षेत्रीय ज्ञान केंद्र (रीजनल नॉलेज सेंटर) के रूप में नामित किया गया है। विश्व पर्यावरण दिवस पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपीकैम्प के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय और परियोजना के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर उन्होंने यूपीकैम्प का लोगो और वेबसाइट लॉन्च करते हुए स्वच्छ वायु, पर्यावरण संरक्षण और हरित आर्थिक विकास के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विश्व बैंक के प्रतिनिधि तथा विभिन्न संस्थानों के प्रमुख मौजूद रहे।
एमओयू का आदान-प्रदान किया
विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. सचिन कुमार भी उपस्थित रहे। इस साझेदारी के तहत सीसीएसयू परियोजना के अंतर्गत क्षमता निर्माण, पर्यावरण जागरूकता, शोध, प्रशिक्षण तथा हरित कौशल विकास गतिविधियों में सहयोग करेगा।
स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकताओं में शामिल
प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में शामिल हैं। विश्वविद्यालय को क्षेत्रीय ज्ञान केंद्र के रूप में मिली यह जिम्मेदारी संस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि सीसीएसयू शोध, नवाचार, प्रशिक्षण और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत बनाना
यूपी कैम्प का उद्देश्य बहु-क्षेत्रीय सहभागिता के माध्यम से प्रदेश में वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत बनाना है। क्षेत्रीय ज्ञान केंद्र के रूप में सीसीएसयू विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जनजागरूकता अभियानों, शोध गतिविधियों और हितधारकों के समन्वय के माध्यम से सतत पर्यावरणीय विकास को बढ़ावा देगा। यह साझेदारी पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रयासों तथा सामुदायिक विकास में विश्वविद्यालय की भूमिका को और सशक्त बनाएगी।



